लचरागढ़ में करमा महोत्सव की धूम, प्रकृति पूजन और भाई-बहन के प्रेम का उत्सव
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा/लचरागढ़: प्रकृति और भाई-बहन के प्रेम व आस्था का पर्व करमा महोत्सव लचरागढ़ में पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया। मुख्यालय के प्रमुख सरना स्थल, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा, विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर लचरागढ़, कुंज नगर देवालय सहित विभिन्न मोहल्लों और गांवों में इस पर्व की धूम रही। श्रद्धालु देर शाम तक एकादशी उपवास के साथ पूजा की थाली सजाकर पूजन स्थल पर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना की।
भव्य सजावट और सामूहिक नृत्य
मुख्य सरना स्थल को भव्य रूप से सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने करमा की कहानी सुनाई और प्रकृति पूजन व संरक्षण पर जोर दिया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलडेगा में भी भव्य साज-सज्जा के साथ करमा पूजा संपन्न हुई। पूजा के बाद सामूहिक नृत्य का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर में उत्साहपूर्ण आयोजन
विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर लचरागढ़ में करमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिमडेगा महाविद्यालय के प्राचार्य देवराज प्रसाद और उनकी धर्मपत्नी शीला देवी उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में लोक गायक जगदीश बड़ाइक और रूपेश बड़ाइक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, सरस्वती माता और ॐकार की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
प्रकृति संरक्षण पर जोर
विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर के प्रांगण में सात मंडलियों द्वारा करम डाली की पूजा की गई। सिमडेगा से आए पंडित संजय पाठक ने पूजन संपन्न कराया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद साहू ने सभी को करमा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण का महत्व बताया। उन्होंने कहा, “प्रकृति का संरक्षण हमारा कर्तव्य है, क्योंकि इसके संरक्षित रहने से हमारा भविष्य सुरक्षित होगा।”
उपस्थित गणमान्य और शुभकामनाएं
कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल, रिक्की अग्रवाल, राजकुमार साहू, अजय साहू, आनंद कोठारी, लचरागढ़ टीओपी प्रभारी एएसआई जितेंद्र सिंह, प्रवीण साहू, चिकु साहू, विनीत पंडा, विप्रो, परमानंद सिंह, धनंजय सोनी, शालिक साहू, पवन अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, गजेंद्र साहू, रमेश ओहदार सहित समिति के सभी सदस्यों ने उपस्थित होकर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

















