आजम खान को मिली सशर्त जमानत, 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहाई का रास्ता साफ
लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा क्वालिटी बार भूमि हड़पने के मामले में जमानत मिलने के बाद उनके खिलाफ दर्ज सभी 72 आपराधिक मामलों में रिहाई के आदेश जारी हो चुके हैं। लगभग 23 महीने जेल में बिताने के बाद आजम खान आज सुबह उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल से रिहा होने वाले हैं।

आजम खान पर 2020 से दर्ज विभिन्न मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और भूमि हड़पने जैसे आरोप थे। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्वालिटी बार मामले में उन्हें जमानत प्रदान की, जो अंतिम लंबित केस था। इससे पहले, अक्टूबर 2023 में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में उन्हें 7 वर्ष की सजा सुनाई गई थी, लेकिन अपील पर जमानत मिल गई। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को भी फरवरी 2025 में हरदोई जेल से रिहा किया गया था।

रिहाई के बाद आजम खान सीधे अपने गृह जिले रामपुर रवाना होंगे, जहां सपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत की तैयारियां की हैं। सीतापुर जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो चुके हैं। पार्टी नेता शिवपाल सिंह यादव और अन्य सहयोगी भी मौके पर पहुंचे हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “आजम खान की रिहाई न्याय की जीत है। झूठे मुकदमों की साजिश नाकाम हुई। वे जल्द ही पार्टी के लिए सक्रिय होंगे।”

आजम खान (77 वर्ष) सपा के प्रमुख मुस्लिम चेहरे माने जाते हैं और रामपुर से पूर्व सांसद रह चुके हैं। उनकी रिहाई से पार्टी को विधानसभा चुनावों से पहले मजबूती मिलने की उम्मीद है।



















