सिमडेगा के वीर शहीद तेलंगा खड़िया बस स्टैंड में समस्याओं का पहाड़: यात्रियों को नर्क जैसी सुविधाएं

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा जिला मुख्यालय के बीचों-बीच स्थित वीर शहीद तेलंगा खड़िया बस स्टैंड धीरे-धीरे बदहाली की ओर बढ़ता जा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा तेलंगा खड़िया के नाम पर बने इस महत्वपूर्ण बस स्टैंड से प्रतिदिन रांची, गुमला, बिहार और ओडिशा की ओर सैकड़ों यात्री बसें रवाना होती हैं। यहां हजारों यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन सुविधाओं की कमी ने इसे एक अभिशाप में बदल दिया है।

बस यूनियन के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने बताया कि स्टैंड के यात्री बाथरूम की हालत बेहद खराब हो चुकी है। ये बाथरूम खुले पड़े हैं और गंदगी से लबालब भरे हुए हैं। महिला यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बदबू के कारण बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। इसके अलावा, यात्री शेड की छतें और दीवारें जर्जर हो चुकी हैं, जहां पानी का सीपेज होता रहता है। बैठने के लिए बने बेंच टूट-फूट चुके हैं और उनके आसपास कचरे का ढेर लगा हुआ है। कुल मिलाकर, यात्रियों को यहां नर्क जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

सुरक्षा व्यवस्था की कमी इसकी एक और बड़ी समस्या है। स्टैंड पर न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही कोई गार्ड तैनात है। अंधेरा होते ही यह जगह पूरी तरह असुरक्षित हो जाती है, जिससे यात्रियों में भय का माहौल रहता है। बस यूनियन के अध्यक्ष दिलीप तिर्की, कमिटी सचिव राजेंद्र सिंह और अन्य सदस्य इस स्थिति से बेहद नाराज हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो वे राजस्व भुगतान बंद कर देंगे। तिर्की ने कहा, “अधिकारी खुद आकर हालात का जायजा लें। हम और यहां के यात्री इंसान हैं, हमें साफ-सुथरी जगह में सांस लेने का हक है। यहां की गंदगी और बदबू का अंदाजा लगाने के लिए अधिकारियों को आधे घंटे भी खड़े हो जाना चाहिए।”

बस यूनियन के अनुसार, इस स्टैंड से नगर परिषद को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन बदले में सुविधाएं शून्य हैं। जब नगर परिषद के प्रशासक अरविंद तिर्की से इसकी बदहाली के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बस स्टैंड की स्थिति में सुधार किया जाएगा। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बस यूनियन के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।


















