बीरकेरा में बिजली, पेयजल व टूटे पुल की समस्या को लेकर ग्रामीणों की शिकायत, INTUC नेता दिलीप तिर्की ने दिया आश्वासन

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : बीरू पंचायत (बीरकेरा) बीरू पंचायत अंतर्गत बीरकेरा गांव में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी को लेकर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं इंटक नेता दिलीप तिर्की के समक्ष रखीं। शनिवार को गांव पहुंचे तिर्की ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
130 परिवार मूलभूत सुविधाओं से परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगभग 130 परिवार निवास करते हैं, लेकिन लंबे समय से बिजली, पेयजल और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
कमजोर बिजली व्यवस्था से परेशानी
गांव में मात्र 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा होने के कारण वोल्टेज बेहद कम रहता है। इससे घरों में बिजली उपकरणों का उपयोग प्रभावित होता है और शाम के समय पर्याप्त रोशनी भी नहीं मिल पाती। ग्रामीणों ने 100 केवीए ट्रांसफार्मर की मांग की है।
7 जलमीनार वर्षों से बंद
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगाए गए 7 जलमीनार लंबे समय से खराब पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
टूटे पुल से आवागमन बाधित
गांव को जोड़ने वाला पुल टूट जाने के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने के लिए 3 से 4 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात में स्थिति और विकराल हो जाती है।
दिलीप तिर्की का बयान
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद दिलीप तिर्की ने कहा कि बीरकेरा गांव एक संगठित और सक्रिय ग्राम है, फिर भी यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने, सभी बंद जलमीनारों को चालू कराने और टूटे पुल के पुनर्निर्माण के लिए वे संबंधित विभागों से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों की एकजुट मांग
मौके पर ग्राम सभाध्यक्ष क्लेस्तुस डुंगडुंग, वार्ड सदस्य, सहायिका एवं सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में गांव की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
















