RIMS-2 निर्माण को लेकर भाजपा ने उठाए सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने RIMS-2 परियोजना के लिए नगड़ी क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि के चयन पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी संपूर्ण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड एक पठारी राज्य है, जहां कृषि योग्य भूमि पहले से ही सीमित है। ऐसे में उपजाऊ जमीन पर बड़े निर्माण कार्य कर कृषि भूमि को नष्ट करना सरकार की दूरदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आम रैयतों के विरोध के बावजूद सरकार द्वारा इसी भूमि पर RIMS-2 निर्माण को आगे बढ़ाने की व्याकुलता उसकी मंशा को लेकर संदेह उत्पन्न करती है।
भाजपा प्रवक्ता ने परियोजना के डिजाइन, निर्माण योजना, प्रशासनिक स्वीकृतियों और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि मूल डिजाइन या स्वीकृत योजना में कोई बदलाव किया गया है तो वह किसके निर्देश पर किया गया और इन परिवर्तनों के कारण परियोजना की लागत में कितना अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है।
उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि RIMS-2 के निर्माण के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का ही चयन क्यों किया गया। क्या सरकार ने किसी वैकल्पिक, बंजर या अनुपयोगी भूमि का सर्वेक्षण किया था? यदि ऐसा किया गया था तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है?
अविनेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि परियोजना स्थल के चयन को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं और शंकाएं व्याप्त हैं। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या भूमि कारोबारियों या बिचौलियों के प्रभाव में यह निर्णय लिया गया है। साथ ही परियोजना क्षेत्र और उसके आसपास भूमि के बढ़ते मूल्य से किसे लाभ पहुंच रहा है, इसकी भी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि परियोजना की घोषणा से पहले और बाद में आसपास के क्षेत्रों में हुई भूमि खरीद-बिक्री का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। यदि किसी जनप्रतिनिधि, प्रभावशाली व्यक्ति, अधिकारी या उनसे जुड़े लोगों ने वहां भूमि में निवेश किया है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जनता के मन में मौजूद सभी संदेह दूर हो सकें।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि RIMS-2 जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना का उद्देश्य जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि किसी विशेष वर्ग या हित समूह को लाभ पहुंचाना। इसलिए सरकार को परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज, डिजाइन में हुए बदलाव, प्रशासनिक स्वीकृतियां, भूमि चयन के आधार और व्यय संबंधी विवरण सार्वजनिक करने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि RIMS-2 परियोजना के भूमि चयन, डिजाइन परिवर्तन, प्रशासनिक स्वीकृतियों, वित्तीय निर्णयों और अन्य सभी पहलुओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता, पक्षपात या जनहित की उपेक्षा सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड की जनता इन सवालों के जवाब चाहती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का दायित्व है कि वह जनता के प्रति जवाबदेह बने। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा विषय मानते हुए जनता की आवाज उठाती रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी जनजागरण अभियान एवं आंदोलन भी चलाएगी।
















