पटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

पटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

Share
Link copied

पटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

बिहार की राजधानी पटना के सिविल कोर्ट परिसर में गुरुवार सुबह एक बार फिर बम धमकी के कारण अफरा-तफरी मच गई। एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए ईमेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में आरडीएक्स (RDX) और आईईडी (IED) जैसे विस्फोटक लगाए गए हैं। यह धमकी सिविल कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पते पर प्राप्त हुई, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस तुरंत सतर्क हो गई।

पटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

ईमेल मिलते ही पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया गया। वकील, वादकर्ता और कर्मचारियों समेत सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए। धमकी की सूचना पाते ही बम निरोधक दस्ते (BDDS), डॉग स्क्वॉड और एटीएस (ATS) की टीमें मौके पर पहुंचीं। इन टीमों ने कोर्ट के हर कोने, पार्किंग क्षेत्र, कक्षों और आसपास के इलाकों में विस्तृत जांच शुरू कर दी। अब तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

पटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

पटना पुलिस के टाउन डीएसपी-2 ने बताया कि हमारी टीमें पूरे परिसर की गहन तलाशी ले रही हैं। जांच पूरी होने तक कोर्ट में प्रवेश पर पूर्ण रोक रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है, जिसमें मेटल डिटेक्टर से आने-जाने वालों की जांच शामिल है।

पटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

साइबर सेल की टीम ईमेल की तकनीकी जांच में जुट गई है। प्रेषक की पहचान करने के लिए आईपी ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल फॉरेंसिक तरीकों का सहारा लिया जा रहा है। यह घटना जनवरी 2024 में पटना हाईकोर्ट को मिली धमकी के बाद पटना में बम धमकी की एक और बड़ी घटना है। उस समय भी इसी तरह का ईमेल आया था, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला थापटना सिविल कोर्ट में बम धमकी से हड़कंप: आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा, परिसर खाली कर जांच जारी

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow