20251016 125328

नक्सल प्रभावित जिलों में भारी गिरावट: गृह मंत्रालय की रिपोर्ट, 312 कैडर ढेर, सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक समस्या समाप्त

20251016 125328

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

नक्सल प्रभावित जिलों में भारी गिरावट: गृह मंत्रालय की रिपोर्ट, 312 कैडर ढेर, सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक समस्या समाप्त


डेस्क , 16 अक्टूबर – भारत सरकार की नक्सल विरोधी मुहिम में अभूतपूर्व सफलता मिली है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या घटकर मात्र 3 रह गई है, जबकि वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलों की संख्या 18 से कम होकर 11 हो गई है। मंत्रालय ने दावा किया कि इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियानों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिसमें 312 वामपंथी कैडर मारे गए हैं। इनमें सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और पोलित ब्यूरो तथा केंद्रीय समिति के 8 अन्य सदस्य शामिल हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले ही अब LWE से सबसे अधिक प्रभावित हैं। सरकार ने बहुआयामी राष्ट्रीय कार्य योजना के सख्त क्रियान्वयन से यह सफलता हासिल की है, जिसमें सटीक खुफिया जानकारी, सुरक्षा बलों का त्वरित प्रभाव, शीर्ष नेताओं को निशाना बनाना, बुनियादी ढांचे का विकास, वित्तीय संसाधनों की बंदिश और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय शामिल हैं।

आंकड़े

मंत्रालय के बयान के अनुसार, 2013 में 126 जिलों में नक्सल-संबंधी हिंसा दर्ज की गई थी, जो अब घटकर केवल 18 जिलों तक सीमित हो गई है। इस वर्ष की कार्रवाइयों में न केवल कैडरों का खात्मा हुआ, बल्कि आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियां भी बढ़ी हैं। मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:2013 में नक्सल हिंसा वाले जिले: 126
वर्तमान में हिंसा वाले जिले: 18
सबसे अधिक प्रभावित जिले: 3 (बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर; पहले 6 थे)
LWE प्रभावित जिले: 11 (पहले 18 थे)
इस वर्ष मारे गए कैडर: 312 (रिकॉर्ड)
गिरफ्तारियां: 836
आत्मसमर्पण: 1,639

मंत्रालय ने कहा, “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जन-हितैषी अभियानों, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और माओवादी विचारधारा के मुकाबले से यह संभव हो रहा है।

छिटपुट घटना: नक्सलियों की बौखलाहट

हालांकि प्रगति सकारात्मक है, लेकिन नक्सली अभी भी सक्रिय हैं। झारखंड के चाईबासा में भाकपा माओवादी नक्सलियों ने ऑपरेशन के विरोध में मनोहरपुर-कोलबोंगा सड़क पर पेड़ काटकर जाम लगा दिया और बैनर लगाए। सारंडा क्षेत्र के कुदलीबाद गांव में बीएसएनएल टावर को आग के हवाले कर दिया गया, साथ ही एक सड़क को विस्फोट से उड़ा दिया।

वहीं, छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक खबर आई है। कांकेर और सुकमा जिलों में 100 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाल दिए, जिनमें कई इनामी कैडर शामिल हैं। बिहार के जमुई जिले में भी सुरक्षा बलों ने चकाई प्रखंड के डुमरडीहा जंगल से दो कंटेनर बम बरामद किए, जिसमें पुलिस, एसटीएफ और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाया।सरकार का दावा है कि ये कार्रवाइयां नक्सलियों की कमर तोड़ रही हैं।

Share via
Send this to a friend