क्षत्रिय एकता गौरव मंच के कार्यक्रम की सफलता पर गहन चर्चा, इतिहास में क्षत्रियों की उपेक्षा पर चिंता जताई

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क्षत्रिय एकता गौरव मंच के कार्यक्रम की सफलता पर गहन चर्चा, इतिहास में क्षत्रियों की उपेक्षा पर चिंता जताई

शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा जिले में क्षत्रिय समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षत्रिय एकता गौरव मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सफलता पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिला क्षत्रिय समाज की इस बैठक का आयोजन रायल्स होटल के सभागार में हुआ, जिसकी अध्यक्षता समाज के जिला अध्यक्ष टी.पी. सिंह ने की। बैठक में क्षत्रिय एकता गौरव मंच के संरक्षक प्रवीण कुमार सिंह एवं समाजसेवी डॉ. अजय शाहदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

क्षत्रिय एकता गौरव मंच के कार्यक्रम की सफलता पर गहन चर्चा, इतिहास में क्षत्रियों की उपेक्षा पर चिंता जताई

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार सिंह ने इतिहास में क्षत्रियों के योगदान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इतिहास में क्षत्रियों को उनके कृत्यों का बहुत कमतर चित्रण एवं वर्णन किया गया है। यह समाज के गौरवपूर्ण इतिहास को कमजोर करने का प्रयास है। हमें एकजुट होकर अपनी विरासत को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लेना होगा।” सिंह ने आगे जोर देकर कहा कि क्षत्रिय समाज को संगठित रूप से आगे आना चाहिए ताकि ऐतिहासिक उपेक्षा को दूर किया जा सके।

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बैठक का मुख्य एजेंडा फरवरी 2026 में रांची में आयोजित होने वाली विशाल ‘क्षत्रिय गौरव एकता रैली’ की तैयारी रहा। सदस्यों ने रैली की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग का संकल्प लिया। सभी क्षत्रिय भाइयों ने बढ़-चढ़कर योगदान देने का निर्णय लिया, जिसमें फंड संग्रह, प्रचार-प्रसार एवं भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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समाजसेवी डॉ. अजय शाहदेव ने अपने संबोधन में एकजुटता पर बल देते हुए कहा, “समय की मांग है कि क्षत्रियों को अपनी एकता का परिचय देना चाहिए। इतिहास एवं सरकार द्वारा की गई उपेक्षा को दूर करने के लिए बिखरे क्षत्रिय समाज को एक साथ आना होगा। उनके हक, अधिकार एवं उपेक्षा के खिलाफ सामूहिक संघर्ष आवश्यक है।” डॉ. शाहदेव ने युवाओं को संगठन से जोड़ने एवं सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया।

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बैठक में जिले में क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की गई तथा इन्हें और वृहद रूप प्रदान करने के सुझाव दिए गए। विशेष रूप से, समाज के अंतिम छोर के व्यक्तियों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अपडेट एवं जागरूकता फैलाने का प्रस्ताव पारित किया गया। सदस्यों ने सुझाव दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर युवा पीढ़ी को समाज की गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि एकता मजबूत हो।

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बैठक में बीरू राजपरिवार के दुर्ग विजय सिंह, अधिवक्ता शिवराज सिंह, जगदीश सिंह, नवीन सिंह, ललन सिंह, सतीश सिंह, दुष्यंत सिंह, ललीनदर सिंह, अरुण सिंह, सुमंत कुमार सिंह, योगेन्द्र कुमार रोहिला, पिंटु कुमार सिंह, देवेन्द्र कुमार सिंह, गौरी शंकर सिंह, ऐतवा सिंह, मनोज सिंह, कुणाल सिंह, मितेश कुमार सिंह, दुबराज सिंह, अशोक सिंह, शशी भुषण सिंह उर्फ मुन्ना, शियावर सिंह, कोशल किशोर रोहिला, सत्यम सिंह, उतम कुमार सिंह, कृष्णा सिंह, भोला प्रसाद सिंह, भुवनेश्वर सेनापती, मिथुन कुमार सिंह, कृष्ण कांत सिंह, आनन्द सिंह, कृपाल सिंह, लालु नारायण सिंह, मनदेव सिंह, राजेन्द्र सिंह, सुमित कुमार सिंह, अभय कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह सहित क्षत्रिय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

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यह बैठक क्षत्रिय समाज को मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने आगामी रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों क्षत्रिय भाग लेंगे।

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