बिहार चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर अंदरूनी समीक्षा, आज दिल्ली में 61 उम्मीदवारों से रिपोर्ट लेगा केंद्रीय नेतृत्व
नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन के हिस्से के तौर पर बुरी तरह सिमट चुकी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) अब अपनी हार के कारणों की गहन पड़ताल करने को तैयार है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें बिहार में चुनाव लड़ने वाले सभी 61 उम्मीदवारों से उनकी विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी। यह बैठक पार्टी की रणनीतिक कमजोरियों, संगठनात्मक खामियों और गठबंधन के समीकरणों पर मंथन का केंद्र बनेगी।
चुनाव परिणामों के मुताबिक, कांग्रेस ने 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन केवल 6 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। यह प्रदर्शन न केवल पार्टी के लिए शर्मनाक रहा, बल्कि महागठबंधन के कुल 41 सीटों (आरजेडी 25, अन्य सहयोगी 10) के मुकाबले एनडीए की 202 सीटों वाली भारी जीत के बाद विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हुई, जिससे लाखों वोटरों के नाम कट गए। राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी’ करार दिया था, जबकि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
बैठक में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपनी-अपनी सीटों पर प्रचार अभियान, स्थानीय मुद्दों की अनदेखी, गठबंधन के साथ समन्वय की कमी और बूथ-स्तरीय प्रबंधन पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार ने न केवल राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


















