राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर में ओल चिकी लिपि शताब्दी समारोह में की शिरकत, संथाली गीत से शुरू किया भाषण
जमशेदपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज जमशेदपुर पहुंचीं और ओल चिकी लिपि के शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह कार्यक्रम आल इंडिया संथाली राइटर्स एसोसिएशन द्वारा करणडीह स्थित दिसोम जाहेर थान में आयोजित किया गया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राष्ट्रपति सोनारी हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, जहां चौकस सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका स्वागत किया गया। सबसे पहले उन्होंने ओल चिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उनके साथ मौजूद रहे।
मंच पर पहुंचते ही उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत किया। महामहिम ने सभी का अभिनंदन स्वीकार किया और अपने भाषण की शुरुआत एक संथाली गीत से की। इसके बाद उन्होंने ओल चिकी लिपि के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला और इसे संथाली पहचान का मजबूत स्तंभ बताया।
यह कार्यक्रम संथाली भाषा और संस्कृति के लिए ऐतिहासिक महत्व का है, क्योंकि ओल चिकी लिपि का आविष्कार 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मू ने किया था। राष्ट्रपति की उपस्थिति ने समारोह को और अधिक गरिमामय बना दिया।

















