रांची जिला जनता दरबार: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार, भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
रांची : उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से सैकड़ों नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। उपायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए।
जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व मामलों में विलंब, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रमाण-पत्र जारी करने में देरी, जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ में विलंब तथा अन्य विकास संबंधी शिकायतें सामने आईं। श्री भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय-सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं स्थल निरीक्षण करें।
प्रमुख कार्रवाई एवं निर्देश:
इटकी अंचल अधिकारी को शो-कॉज : 90 वर्षीय अली हसन के जमाबंदी मामले में बार-बार दौड़ाने की शिकायत पर अंचल अधिकारी मो. अनीश को कड़ी फटकार लगाते हुए शो-कॉज जारी किया गया। साथ ही नगड़ी के राजस्व कर्मचारी अनीता हेमरोम पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सोनाहातु अंचल अधिकारी को स्पष्टीकरण : प्रकाश कुमार महतो के पंजी-2 सुधार मामले में 5 महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर अंचल अधिकारी मनोज कुमार महथा एवं संबंधित कर्मचारी को शो-कॉज जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई : गेतलसुद डैम से 1962 में विस्थापित 16 परिवारों की 104.67 एकड़ जमीन (1966 से कब्जा) पर भू-माफियाओं द्वारा JCB से अवैध समतलीकरण एवं घेराबंदी की शिकायत पर वरीय पुलिस अधीक्षक रांची एवं अनुमंडल पदाधिकारी को जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। परिवार पुनः विस्थापित होने की आशंका से भयभीत हैं।
ऐतिहासिक बसारगढ़ तालाब की जांच : वार्ड नंबर 53 के 100 वर्ष पुराने बसारगढ़ तालाब के किनारों को JCB से काटकर नष्ट करने की शिकायत पर संबंधित पदाधिकारी को तत्काल जांच कर कार्य रोकने का आदेश दिया गया।
अन्य महत्वपूर्ण मामले : सरना पूजा स्थल घेराव, महिला उत्पीड़न (पुनम देवी मामले में गर्भपात तक की घटना), थाना स्तर पर कार्रवाई न होने पर SP को निर्देश। साथ ही नामकुम अंचल अधिकारी पर मनगढ़ंत आरोप लगाने वाले आवेदक के खिलाफ जांच के आदेश।
उपायुक्त ने कहा, “जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों को एक ही मंच पर त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना है। शासन प्रणाली को जन-केन्द्रित बनाने में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है।”
कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण होने से उपस्थित लोगों में राहत की भावना दिखी। नागरिकों ने उपायुक्त की इस पहल की सराहना की और कहा कि यह सीधा संवाद जिला प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
जिला प्रशासन की यह निरंतर पहल आम जनता की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सराहनीय कदम साबित हो रही है।

















