किन्नर समुदाय में बड़ा ऐलान: ‘किन्नर जिहाद’ रोकने के लिए अपना अलग ‘शंकराचार्य’ नियुक्त करेगा किन्नर अखाड़ा, 15 फरवरी को भोपाल में 250 ट्रांसजेंडर करेंगे हिंदू धर्म में ‘घर वापसी’
भोपाल : किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि ट्रांसजेंडर (किन्नर) समुदाय ‘किन्नर जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अपना अलग ‘शंकराचार्य’ नियुक्त करेगा। यह नियुक्ति महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को भोपाल में होने वाले विशेष समारोह में की जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ऋषि अजय दास ने दावा किया है कि समुदाय के भीतर कुछ तत्वों द्वारा हिंदू किन्नरों पर जबरन इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसमें नमाज पढ़वाना, कलमा पढ़ाना, गौमांस खिलाना और अन्य धार्मिक रीतियों का उल्लंघन शामिल है। उन्होंने इसे ‘किन्नर जिहाद’ का नाम दिया है और कहा है कि इससे बचाव के लिए समुदाय को अपनी धार्मिक संरचना मजबूत करनी होगी।
इस समारोह में देश भर से आए करीब 250 ट्रांसजेंडर हिंदू धर्म में ‘घर वापसी’ (पुनः हिंदू बनने) का संकल्प लेंगे। साथ ही समुदाय के पहले ‘शंकराचार्य’ का पट्टाभिषेक होगा, जिसके बाद ‘महामंडलेश्वर’ और ‘महंत’ जैसे पदों की भी नियुक्तियां की जाएंगी। यह पहली बार होगा जब किन्नर समुदाय अपना अलग धार्मिक प्रमुख (शंकराचार्य) चुनेगा।
ऋषि अजय दास, जो 2016 में उज्जैन कुंभ मेले के दौरान किन्नर अखाड़े की स्थापना कर चुके हैं, ने कहा, “यह कदम समुदाय की सनातन पहचान को बचाने और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए जरूरी है। हम हिंदू किन्नरों को उनकी जड़ों से जोड़ना चाहते हैं।”
यह समारोह भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में आयोजित होगी और इसमें बजरंग सेना सहित कई हिंदू संगठनों के समर्थन की भी उम्मीद है। मामले को लेकर पहले भी भोपाल में प्रदर्शन और शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जहां हिंदू किन्नरों ने जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए थे।

















