मध्य पूर्व में युद्ध की आहट: इज़राइल का ईरान के 30 ठिकानों पर एक साथ  हवाई हमला, राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद

मध्य पूर्व में युद्ध की आहट: इज़राइल का ईरान के 30 ठिकानों पर एक साथ  हवाई हमला, राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद

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मध्य पूर्व में युद्ध की आहट: इज़राइल का ईरान के 30 ठिकानों पर एक साथ  हवाई हमला, राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद

मध्य पूर्व में युद्ध की आहट: इज़राइल का ईरान के 30 ठिकानों पर एक साथ  हवाई हमला, राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद

तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व एक बार फिर विनाशकारी युद्ध की दहलीज पर खड़ा है। इज़राइली वायुसेना ने ईरान स्थित कई सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हमलों के तुरंत बाद इज़राइल ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को नागरिक और वाणिज्यिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है।
प्रमुख सैन्य कार्रवाई और जमीनी हालात
इज़राइली रक्षा बलों ने इस हमले को “पूर्व-निरोधात्मक कार्रवाई” (Pre-emptive Action) करार दिया है। राजधानी तेहरान सहित ईरान के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में धुएं के गुबार देखे गए।
इज़राइल में सुरक्षा सायरन बजने के साथ ही सरकार ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई क्षेत्र को बंद करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इज़राइल को ईरान की ओर से बड़े जवाबी हमले (Retaliation) की आशंका है।
तनाव की मुख्य वजह: परमाणु कार्यक्रम
पिछले एक साल में यह दोनों देशों के बीच दूसरी सीधी सैन्य भिड़ंत है। जून 2025 में भी दोनों देशों के बीच दो सप्ताह तक भारी मिसाइल और ड्रोन युद्ध चला था। इस संघर्ष की जड़ में ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, जिसे इज़राइल अपने अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता रहा है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख
संयुक्त राज्य अमेरिका: वॉशिंगटन ने इज़राइल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। अमेरिका ने पहले भी ईरानी परमाणु ठिकानों पर कार्रवाई को परमाणु प्रसार रोकने के लिए आवश्यक बताया था।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय: दुनिया भर के नेता शांति की अपील कर रहे हैं, क्योंकि इस युद्ध का असर वैश्विक तेल कीमतों और आर्थिक स्थिरता पर पड़ना तय है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: “यदि कूटनीतिक प्रयास अगले कुछ घंटों में सफल नहीं हुए, तो यह संघर्ष एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें अन्य खाड़ी देश भी शामिल हो सकते हैं।”
वर्तमान में पूरी दुनिया की निगाहें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या यह तनाव कूटनीति से थमेगा या मध्य पूर्व एक लंबी जंग की आग में झुलसेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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