रिम्स में मीडिया के प्रवेश पर रोक: BJP ने सरकार को घेरा, ‘अलोकतांत्रिक’ करार देते हुए प्रतिबंध वापस लेने की मांग

रांची: झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान ‘रिम्स’ (RIMS) में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर लगाई गई रोक को लेकर राज्य में सियासी पारा गरमा गया है। BJP ने इस निर्णय की तीखी आलोचना करते हुए इसे राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने की एक सोची-समझी साजिश बताया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कुव्यवस्था छिपाने का हथकंडा: रमाकांत महतो
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रिम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर सीधा निशाना साधा। श्री महतो ने कहा, “रिम्स में मीडिया को रोकना महज एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि अपनी कुव्यवस्था को छिपाने का एक ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘तानाशाहीपूर्ण’ कदम है।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का एकमात्र मकसद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी से उतारना और सुधार के बजाय भ्रष्टाचार को संरक्षण देना है।
मीडिया की आवाज दबाना कांग्रेस की पुरानी फितरत’
BJP प्रवक्ता ने इस मामले को पार्टी के इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि मीडिया पर अंकुश लगाने की मानसिकता कांग्रेस की पुरानी कार्यसंस्कृति का हिस्सा रही है। उन्होंने आपातकाल के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि झारखंड सरकार आज उसी दमनकारी नीतियों का अनुसरण कर रही है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।
भ्रष्टाचार और जवाबदेही पर सवाल
महतो ने याद दिलाया कि पिछले छह वर्षों में रिम्स और स्वास्थ्य विभाग पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
दवा और स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में अनियमितता।
एएनएम और सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार।
अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं और मरीजों की बदहाली।
उन्होंने तर्क दिया कि इन मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए मीडिया की निगरानी अनिवार्य है। ऐसे में मीडिया को दूर रखने का मतलब है कि सरकार अपनी विफलताओं को जनता की नजरों से छिपाना चाहती है।
प्रतिबंध वापस लेने की मांग
BJP ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपनी विफलताओं को छिपाने के बजाय स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर ध्यान दे। साथ ही, रिम्स प्रबंधन से मांग की गई है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए मीडिया पर लगाए गए इस प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
















