JTET से भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाना जनविरोधी निर्णय, सरकार अविलंब करे पुनर्विचार: कैलाश यादव
JTET से भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाना जनविरोधी निर्णय, सरकार अविलंब करे पुनर्विचार: कैलाश यादव

रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की क्षेत्रीय भाषाओं की सूची से भोजपुरी, मगही और अंगिका को बाहर किए जाने पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने इसे एक ‘घातक और जनविरोधी’ निर्णय करार देते हुए राज्य सरकार से इस पर अविलंब रोक लगाने की मांग की है।
कैलाश यादव ने आज (30 मार्च 2026) एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि लगभग 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद होने जा रही जेटेट परीक्षा में इन प्रमुख भाषाओं को शामिल न करना राज्य की एक बड़ी आबादी के साथ अन्याय है।
“भाषाई विवाद विकास में बाधक”
राजद प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि भाषाई विवाद पैदा करना राज्य की एकता और विकास की राह में रोड़ा अटकाने जैसा है।
उन्होंने कहा:
“पलामू, गढ़वा और लातेहार जैसे जिलों में शत-प्रतिशत आबादी भोजपुरी और मगही भाषी है। वहीं रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी इन भाषाओं की प्रचुरता है। संथाल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज में अंगिका भाषियों की बड़ी संख्या है। ऐसे में इन भाषाओं को नजरअंदाज करना बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को आहत करना है।”
“कुछ ‘जयचंद’ सरकार को कर रहे हैं बदनाम”
कैलाश यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर रही है। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि शासन व्यवस्था के भीतर बैठे कुछ ‘जयचंद’ (साजिशकर्ता) ऐसे विवादित फैसले लेकर सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा की सूची में पुनः शामिल कराएं।
हजारीबाग के विष्णुगढ़ कांड पर गहरा आक्रोश
प्रेस बयान के दौरान यादव ने हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के जघन्य अपराध पर भी अपनी बात रखी।
कड़ी कार्रवाई की मांग: राजद ने प्रशासन से अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
विपक्ष को नसीहत: उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की है कि वे इस संवेदनशील और हृदयविदारक घटना पर राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवार के प्रति मानवीय संवेदना दिखाएं और उन्हें न्याय दिलाने में सहयोग करें।
राजद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह भाषाई अस्मिता और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर समझौता नहीं करेगा। पार्टी का मानना है कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी भाषाई समुदायों को समान अवसर मिलना अनिवार्य है।

















