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गढ़वा में बिहारी व भोजपुरी मगही भाषियों ने खतियानी जोहर यात्रा का सम्मान रखा,CM हेमंत गुड़ खाकर गुलगुले से परहेज ना करें

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CM हेमंत दोहरी नीति छोड़ द्वितीय राजभाषा में शामिल भोजपुरी मगही को राज्य में पुनः मान्यता दे : कैलाश यादव

अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य में दो नाव पर पैर रखकर कार्य कर रहे हैं !
ज्ञातव्य है कि कल गढ़वा से शुरू हुई खतियानी जोहर यात्रा के शुभारंभ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिहार के कई मशहूर कलाकारों को बुलाकर रंगमंच का आनंद लिए और मंच शेयर किया ! उन्हें बताना चाहिए कि झारखंडी कलाकारों के साथ सौतेला व्यवहार किया और 1932 एवं ओबीसी आरक्षण के नाम पर लोगो को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं !

विदित है कि कल गढ़वा में आयोजित जनसभा में बहुसंख्यक भोजपुरी मगही भाषाई लोग उपस्थित थे !
अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच की ओर से मुख्यमंत्री से सवाल खड़ा किया कि आप एक तरफ बहुसंख्यक करोड़ों बिहारियों और भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषियों को गैरझारखंडी और बाहरी बोलकर संबोधित करते हैं और संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने का प्रस्ताव पारित करते है तब आप आखिर किस मुंह से भोजपुरी मगही समाज के बीच जाने का कार्य कर रहे हैं !
यादव ने कहा की राज्य के सीएम हेमंत सोरेन गुड खाकर गुलगुले से परहेज कर रहे हैं ! अब उन्हें निश्चित पछतावा हो रहा होगा की एकीकृत बिहार के समय से राज्य में निवास करने वाले करोड़ो बिहारवासियों के साथ नाइंसाफी हुई है !
यादव ने कहा मैं मंच की ओर से सीएम हेमंत सोरेन से आग्रह पूर्वक मांग करता हूं की झारखंड में पूर्व से द्वितीय राजभाषा में शामिल भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषा को अविलंब पुनः राज्य में मान्यता देने का निर्णय ले और सबको एक भाव से सम्मान देने का सकारात्मक संदेश दे !

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