Budget session is going on in Jharkhand assembly, today is the 19th day of the session, proceedings of the house started at 11:00 am.

झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 25-26 नवंबर को, SIR और MMDR कानून पर हो सकती है चर्चा

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रांची। झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को आयोजित होगा। इस विशेष बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) में किए गए संशोधनों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा कराने का संकेत दिया था। विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के अनुसार, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित षष्ठम झारखंड विधानसभा के षष्ठम (मानसून) सत्र की बैठक अब 25 और 26 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजे से आहूत की गई है। इसके साथ ही इन दोनों तारीखों पर सदन की कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है।

झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 25-26 नवंबर को, SIR और MMDR कानून पर हो सकती है चर्चा

SIR के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच हो सकती है तीखी बहस

विशेष सत्र में SIR का मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी अहम रहने वाला है। निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर झारखंड में भी राजनीतिक चर्चा तेज है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं की पहचान और पात्रता की जांच के लिए दस्तावेजों की मांग तथा सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले भी SIR को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा कराने का फैसला इसी राजनीतिक और संवैधानिक बहस को सदन के भीतर उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सत्र के दौरान सरकार SIR की प्रक्रिया, दस्तावेजों की अनिवार्यता, आम मतदाताओं को होने वाली संभावित परेशानियों और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे विषयों पर अपना पक्ष रख सकती है।

झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 25-26 नवंबर को, SIR और MMDR कानून पर हो सकती है चर्चा

MMDR संशोधन कानून पर केंद्र से टकराव के संकेत

विशेष सत्र का दूसरा बड़ा मुद्दा MMDR Act में केंद्र सरकार की ओर से किए गए संशोधन हैं। झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के लिए इस कानून के प्रावधानों का आर्थिक और वित्तीय महत्व काफी अधिक है।हेमंत सोरेन सरकार का मानना है कि खनिज संपदा और खनिजयुक्त भूमि से मिलने वाले राजस्व पर राज्य के हितों की रक्षा जरूरी है। राज्य सरकार को आशंका है कि केंद्र के संशोधित कानूनी प्रावधानों का असर झारखंड के आर्थिक हितों और राजस्व पर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि MMDR कानून और खनिज सेस से जुड़े विषयों पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा जरूरी है।

केंद्र को प्रस्ताव भेजने की तैयारी?

सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार विधानसभा में केंद्र सरकार के संशोधित कानून के खिलाफ प्रस्ताव ला सकती है। खनिज सेस के मुद्दे पर विरोध प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेज सकती है

25 और 26 नवंबर पर टिकी निगाहें

दो दिनों की इस विशेष बैठक में सरकार के सामने दो बड़े मुद्दे हों सकते है । एक तरफ SIR को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों पर बहस होगी, वहीं दूसरी तरफ MMDR संशोधन और खनिज राजस्व के सवाल पर केंद्र और राज्य के अधिकारों को लेकर राजनीतिक विमर्श होगा। ऐसे में 25 और 26 नवंबर को झारखंड विधानसभा की कार्यवाही केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि राज्य के राजनीतिक, संवैधानिक और आर्थिक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखने का अवसर भी हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सदन में सरकार कौन-सा प्रस्ताव लाती है और विपक्ष इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाता है।

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नवीन कुमार

नवीन कुमार

Editor In Chief

नवीन कुमार को पिछले 30 वर्षों से भी अधिक समय से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव रहा है...इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बड़े पद पर कार्यरत रहे हैं...नक्सल, क्राइम, खेल, राजनीति,बिज्ञान एवं तकनीकी, पर्यावरण के साथ ही समसामयिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर मजबूत पकड़ रही है। खाली समय में उन्हें नई जगहों पर घूमना और फोटोग्राफी करना पसंद है।