मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मंत्रालय में झारखण्ड(jharkhand) राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्य्क्षता कर रहें हैं|

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मंत्रालय में झारखण्ड(jharkhand) राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्य्क्षता कर रहें हैं|

(jharkhand)भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषा का इतिहास श्रृष्टि व आर्यावर्त भरतखण्ड संस्कृति से जुड़ा, विरोधी समूह रामायण महाभारत काल को अध्ययन करे,अपील” उपद्रवी तत्व आपसी भाईचारे बनाए रखे व उन्माद न फैलाए अन्यथा बिहारी व भाषाई भावनाओं पर निजी हमला का मुंहतोड़ जबाव दिया जाएगा
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मंत्रालय में झारखण्ड(jharkhand) राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्य्क्षता कर रहें हैं|
किसी भी हाल में 1932 का खतियान बर्दास्त नहीं,झारखंड में स्थानीय नीति राज्य स्थापना वर्ष हो या छत्तीसगढ़,उत्तराखंड के तर्ज पर मापदंड तय हो,CM हेमन्त से अपील विकास विरोधी भाषाई उपद्रवियों पर लगाम लगावे : कैलाश यादव

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने मंच के समर्थको से बात करते हुए कहा कि भाषा के नाम पर उन्माद फैलाने वाले उपद्रवी लोगों को आगाह किया की लोकतंत्र में अपनी अपनी बात करने का सभी को लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी जाति भाषा और राज्यों को टारगेट कर विरोध करने से बचने की कोशिश करना चाहिए,किसी भी तरीके से भाषाई और वर्गो पर भावनाएं बढ़ाना बिल्कुल अनुचित एवं असंवैधानिक कार्य है !

यादव ने कहा कि विरोध करने वाले राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों को शायद इतिहास का ज्ञान नहीं है,इन लोगो को ज्ञात होना चाहिए भारत का इतिहास आर्यावर्त भरतखण्ड संस्कृति से चलता आ रहा है ! विरोधियों को भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषा के विषय में इतिहास की जानकारी के लिए रामायण और महाभारत काल को अध्ययन करना चाहिए, इसलिए मेरा अपील है कि आधारहीन और असंवैधानिक तरीके से बेवजह राज्य को अशांति के रास्ते पर न धकेले अन्यथा झारखंड पुनः 2002 डोमिसाइल पार्ट 2 की स्थिति में पहुंच जायेगा !
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मंत्रालय में झारखण्ड(jharkhand) राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्य्क्षता कर रहें हैं|
हेमन्त सरकार से अपील है कि भाषा के नाम पर भावनाओं को भड़काने वाले एवं राज्य के विकास को बाधित करने वाले उपर्वियों के लगाम पर अविलंब रोक लगाई जाए और प्रशानिक व्यवस्था को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश किया जाय !

अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच की ओर से मांग है कि झारखण्ड में स्थानीय नीति का आधार राज्य स्थापना वर्ष 15 नवंबर 2000 हो अथवा छत्तीसगढ़ या उत्तराखंड के तर्ज पर मापदंड तय हो ! किसी भी हाल में 1932 का खतियान का आधार मंजूर नहीं होगा अन्यथा राज्य में पुनः 24 जुलाई 2002 की परिस्थिति उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाएगी !
भाषा को लेकर मंच का जनजागरण बैठक आगामी दिनांक 6 फरवरी 22 को हरमू विद्यानगर स्थित दरोगा राय चौक के समीप रोड न० 1 में होगी !

इस अवसर पर राजकिशोर सिंह,सरजू प्रसाद,सुनील पांडेय,चंदेश्वर प्रसाद, प्रमोद मिश्रा,जैनेंद्र राय,सुरेश राय, सुबोध ठाकुर,उपेंद्र नारायण, विष्णु चौबे,शंकर यादव सहित अन्य मौजूद थे !

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now