झारखंड के गांवों में विकास की महा-क्रांति: पंचायतों पर हुई 'छप्पर फाड़' धनवर्षा, टूट गए अब तक के सारे रिकॉर्ड

झारखंड के गांवों में विकास की महा-क्रांति: पंचायतों पर हुई ‘छप्पर फाड़’ धनवर्षा, टूट गए अब तक के सारे रिकॉर्ड

Share
Link copied

झारखंड के गांवों में विकास की महा-क्रांति: पंचायतों पर हुई ‘छप्पर फाड़’ धनवर्षा, टूट गए अब तक के सारे रिकॉर्ड

झारखंड के गांवों में विकास की महा-क्रांति: पंचायतों पर हुई 'छप्पर फाड़' धनवर्षा, टूट गए अब तक के सारे रिकॉर्ड

नवीन कुमार

रांची: झारखंड के ग्रामीण विकास के इतिहास में वित्तीय वर्ष 2025-26 एक सुनहरा अध्याय लिखने जा रहा है। राज्य गठन के बाद पहली बार झारखंड की पंचायतों के लिए खजाना खोल दिया गया है। 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य को 2254 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि प्राप्त हुई है, जो राज्य के 4345 पंचायतों के विकास की रफ्तार को ‘सुपरफास्ट’ बनाने के लिए तैयार है।

हर पंचायत के खाते में आएंगे 52 लाख से ज्यादा

इस ऐतिहासिक आवंटन का सबसे बड़ा पहलू यह है कि यदि इस राशि को राज्य की सभी पंचायतों में समान रूप से देखा जाए, तो हर पंचायत के हिस्से में करीब 51 लाख 80 हजार रुपये आएंगे। राशि के अभाव में अब कोई भी गांव विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेगा। यह राज्य गठन के बाद से अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय अनुदान है।

प्रमंडलवार बजट पर एक नजर

राज्य के पांचों प्रमंडलों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार राशि आवंटित कर दी गई है:
उत्तरी छोटा नागपुर: 767.15 करोड़
संथाल परगना: 520.59 करोड़
दक्षिणी छोटा नागपुर: 367.78 करोड़
कोल्हान: 300.44 करोड़
पलामू: 294.74 करोड़

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के प्रयासों ने रंग लाया

इस बड़ी उपलब्धि के पीछे ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की सक्रियता और अथक प्रयास माने जा रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ लगातार पत्राचार और केंद्रीय मंत्रियों व सचिवों के साथ बैठकों के दौर के बाद, झारखंड अपना हक लेने में सफल रहा है। पहली बार राज्य वित्त आयोग से भी पंचायतों को विशेष अनुदान दिया गया है।

“भारत की आत्मा गांवों में बसती है। 15वें वित्त आयोग से मिली यह राशि गांवों की सूरत बदलने के लिए पर्याप्त है। अब यह पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी ईमानदारी से योजनाओं को धरातल पर उतारें।”
— दीपिका पांडेय सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री

कैसे बदलेंगे गांव? (योजनाओं का खाका)

मिले हुए 2254 करोड़ रुपये मुख्य रूप से दो मदों में खर्च होंगे:

टाइड मद (Tied Fund): इस राशि से स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता (Sanitation) से जुड़ी बड़ी योजनाओं को पूरा किया जाएगा।
अन-टाइड मद (Untied Fund): इसके माध्यम से पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सड़क, नाली, लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कर सकेंगी।
पिछले वर्षों की तुलना में भारी उछाल
बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो इस साल का मिला रकम चौंकाने वाला है:
वर्ष 2021-22: 624.50 करोड़
वर्ष 2023-24: 1300 करोड़
वर्ष 2025-26: 2254 करोड़ (ऐतिहासिक वृद्धि)

जाहिर है झारखंड सरकार का यह कदम राज्य के ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ी छलांग है। यदि पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार मुक्त कार्य हुआ, तो आने वाले एक साल में झारखंड के गांवों का बुनियादी ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड थानों में CCTV टेंडर में बड़े घोटाले का आरोप नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ: बिहार की सियासत में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत गुमला जिले के घाघरा अंचल कार्यालय परिसर , जहां भगवान बिरसा का स्टेचू का रख रखाव नही, मूर्ति दरक रही है । अधिकारी ध्यान नही दे रहे । धरती आबा का अपमान ये। Thalapathy Vijay Takes Oath as Tamil Nadu Chief Minister; 9 MLAs Also Become Ministers Tamil Nadu CM Vijay announces: 200 units of free electricity to be provided; women to be ensured safety, and the youth to be protected from the clutches of drugs.