झारखंड में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत! सरयू राय ने बताया 'मैजिक नंबर', बिना कांग्रेस-BJP सरकार बनाने का दिया ऑफर

झारखंड में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत! सरयू राय ने बताया ‘मैजिक नंबर’, बिना कांग्रेस-BJP सरकार बनाने का दिया ऑफर

Share
Link copied

झारखंड में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत! सरयू राय ने बताया ‘मैजिक नंबर’, बिना कांग्रेस-BJP सरकार बनाने का दिया ऑफर

झारखंड में बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत! सरयू राय ने बताया 'मैजिक नंबर', बिना कांग्रेस-BJP सरकार बनाने का दिया ऑफर

​रांची: झारखंड की सियासत में इन दिनों नई सुगबुगाहट तेज हो गई है। असम विधानसभा चुनाव में जेएमएम और कांग्रेस के बीच बढ़ती तल्खी के बीच जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एक बड़ा राजनीतिक बम फोड़ा है। सरयू राय ने दावा किया है कि राज्य में कांग्रेस और भाजपा के बिना भी एक स्थिर सरकार बन सकती है और उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस नई सरकार के लिए ‘बिना शर्त समर्थन’ देने का प्रस्ताव दिया है।
​क्या है सरयू राय का ‘मैजिक नंबर’?
​धनबाद के सोनारडीह क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे सरयू राय ने पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा की गणित समझाते हुए बताया कि 81 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 41 विधायकों की जरूरत है। उन्होंने नया समीकरण कुछ इस तरह पेश किया:
​झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM): 34 विधायक
​राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 04 विधायक
​भाकपा माले: 02 विधायक
​कुल: 40 विधायक

इस समीकरण में सरयू राय (JDU), जयराम महतो (JLKM), आजसू और लोजपा (R) के विधायकों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

सरयू राय के अनुसार, इस संख्या में उनके जैसे अन्य निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 44 तक पहुँच सकता है, जो बहुमत के आंकड़े (41) से कहीं ज्यादा है।

कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने की तैयारी?
​वर्तमान में हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस एक प्रमुख सहयोगी है, जिसके 16 विधायक हैं। हालांकि, हालिया दिनों में दोनों दलों के बीच रिश्तों में कड़वाहट आई है।
​असम चुनाव में टकराव: दोनों दल असम में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
​बयानबाजी का दौर: कांग्रेस प्रभारी के. राजू द्वारा सरकार के काम पर सवाल उठाने के बाद जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस की तुलना ‘विषैले सांप’ से कर दी थी।
​”अगर हेमंत सोरेन कांग्रेस का साथ छोड़ते हैं, तो हम उन्हें बिना किसी शर्त के समर्थन देने को तैयार हैं। भाजपा और कांग्रेस के बिना भी राज्य को एक मजबूत क्षेत्रीय सरकार मिल सकती है।” — सरयू राय, विधायक

​क्या वाकई बदलेगा समीकरण?

​जानकारों का मानना है कि सरयू राय का यह बयान कांग्रेस पर दबाव बनाने की एक रणनीति हो सकता है। हालांकि, राय ने खुद यह माना है कि असम चुनाव खत्म होने के बाद मुमकिन है कि जेएमएम और कांग्रेस अपने मतभेद भुलाकर फिर से साथ आ जाएं।
​यदि यह नया समीकरण हकीकत बनता है, तो झारखंड की राजनीति में यह अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल होगा, जहाँ राज्य की सत्ता पूरी तरह से क्षेत्रीय दलों के हाथ में सिमट जाएगी और राष्ट्रीय पार्टियाँ (भाजपा और कांग्रेस) दोनों ही विपक्ष में नजर आएंगी।

इस समीकरण की वजह: काँग्रेस-JMM में तल्खी

​सरयू राय ने यह सुझाव ऐसे समय में दिया है जब गठबंधन के दो प्रमुख साथियों (JMM और काँग्रेस) के बीच दरार साफ दिख रही है:
​असम चुनाव का प्रभाव: असम विधानसभा चुनाव में दोनों दल कई सीटों पर आमने-सामने हैं।
​बयानबाजी: जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य द्वारा काँग्रेस को ‘विषैला सांप’ कहना और काँग्रेस प्रभारी के. राजू द्वारा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना इस तल्खी को दर्शाता है।

राजनीतिक परिणाम और चुनौतियाँ

​यदि इस ‘मैजिक नंबर’ पर काम होता है, तो झारखंड की राजनीति में बड़े बदलाव दिखेंगे:
​काँग्रेस का निष्कासन: सत्ता में शामिल काँग्रेस के 16 विधायक विपक्ष में बैठ सकते हैं।
​भाजपा की स्थिति: भाजपा के 21 विधायक पहले से ही विपक्ष में हैं, वे वहीं रहेंगे।
​स्थिरता पर सवाल: क्या क्षेत्रीय दलों का यह ‘खिचड़ी गठबंधन’ लंबे समय तक स्थिर रह पाएगा? सरयू राय का मानना है कि यह संभव है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि असम चुनाव के बाद जेएमएम और काँग्रेस फिर से पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ आ सकते हैं।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।