झामुमो का केंद्र, बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला—“लोकतंत्र पर उठ रहे गंभीर सवाल”
रांची : सुप्रिया भट्टाचार्य ने एक प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन देश की राजनीति के लिए अहम है, क्योंकि असम और पांडिचेरी जैसे राज्यों में विपक्षी गठबंधन की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
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प्रेस वार्ता के दौरान भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आयोग हर वर्ष 25 जनवरी को “एक भी वोटर छूटे नहीं” के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम चलाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात 1980 के दशक की राजनीति की याद दिलाते हैं, जब बाहुबल और ठेका सिस्टम के जरिए मतदान प्रभावित किया जाता था।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के प्रभाव में करीब 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे कई नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों को अपने अधिकारों के लिए दूर-दराज तक जाना पड़ रहा है, वहीं कुछ प्रत्याशियों को नामांकन के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का सहारा लेना पड़ा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर चुनाव आयोग के व्यवहार को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और इसे “अनौपचारिक” करार दिया।
असम की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने हेमंत सोरेन की भूमिका की सराहना की और कहा कि उन्होंने सभी वर्गों को एकजुट कर अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया है।
अंत में भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि क्या देश में लोकतंत्र सही तरीके से संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई भले ही सीमित सीटों पर हो, लेकिन मुकाबला हर जगह बीजेपी से ही है।















