पोटका को नई सौगात: उड़ीसा बॉर्डर स्थित ‘तिरिंग घाटी’ बनेगा पर्यटन स्थल, विधायक संजीव सरदार ने किया निरीक्षण
नीरज तिवारी
जमशेदपुर/पोटका: पोटका विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। हाता-तिरिंग मेन रोड स्थित उड़ीसा बॉर्डर के पास बनकटा गांव की सुरम्य ‘तिरिंग घाटी’ को अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पोटका विधायक संजीव सरदार ने रविवार को इस क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
पर्यटन के साथ रोजगार की नई उम्मीदें
तिरिंग घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और काली मंदिर के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है, जहाँ हर साल झारखंड और उड़ीसा से हजारों पर्यटक और पिकनिक मनाने वाले लोग पहुंचते हैं। विधायक संजीव सरदार ने कहा कि इस क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए जल्द ही वन विभाग को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाएगा।
विधायक ने इस परियोजना के दोहरे लाभ पर जोर दिया:
आर्थिक सशक्तिकरण:पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हस्तशिल्प, छोटे दुकानदार और स्थानीय परिवहन से जुड़े व्यवसायियों की आय में वृद्धि होगी।
सीमावर्ती सौहार्द:झारखंड और उड़ीसा की सीमा पर होने के कारण, यह स्थल दोनों राज्यों के लोगों के बीच सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।
कैसा होगा नया ‘तिरिंग घाटी’ पर्यटन स्थल?
सरकार की योजना इसे एक ‘फैमिली डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की है, जिसमें निम्नलिखित सुविधाएं शामिल होंगी:
बच्चों के लिए: सुरक्षित प्ले जोन और मनोरंजन की व्यवस्था।
पर्यटकों के लिए: बैठने के लिए सुंदर बेंच, सुव्यवस्थित पिकनिक स्पॉट और स्वच्छ वातावरण।
सुरक्षा और सुविधा: आगंतुकों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और मूलभूत सुविधाएं।
ग्रामीणों में उत्साह का माहौल
विधायक की इस पहल से स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है। ग्रामीणों का मानना है कि इस पर्यटन स्थल के विकास से न केवल क्षेत्र की पहचान बढ़ेगी, बल्कि यह पोटका विधानसभा क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
विधायक संजीव सरदार ने कहा, “हमारी मंशा केवल पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि सीमावर्ती गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है ताकि हर घर की आय में सुधार हो सके।”















