ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत लोहरदगा स्टेशन से 17 वर्षीय बालिका का सुरक्षित रेस्क्यू

लोहरदगा: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट लोहरदगा ने बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्डलाइन के सुपुर्द किया।
आरपीएफ के अनुसार, 7 जुलाई 2026 की रात नियमित गश्त एवं जांच के दौरान लोहरदगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक नाबालिग बालिका संदिग्ध अवस्था में अकेली बैठी मिली। वह काफी डरी और घबराई हुई थी तथा प्रारंभिक पूछताछ में रेलवे स्टेशन पर मौजूद होने का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सकी।
काउंसलिंग के दौरान बालिका ने अपनी पहचान सुनीता कुमारी (लगभग 17 वर्ष), पिता महरंग उरांव, निवासी ग्राम घोरा टांगर, थाना घाघरा, जिला गुमला के रूप में बताई। उसने बताया कि माता-पिता की डांट-फटकार और स्वयं को उपेक्षित महसूस करने के कारण वह घर छोड़कर चली आई थी।

आरपीएफ ने बालिका की काउंसलिंग कर तथ्यों का सत्यापन किया और तत्काल चाइल्डलाइन लोहरदगा को सूचना दी। महिला स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण चाइल्डलाइन ने अगले दिन बालिका को अपने संरक्षण में लेने की बात कही।
इसके बाद 8 जुलाई 2026 को सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरपीएफ ने बालिका को सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन लोहरदगा के सुपुर्द कर दिया, ताकि उसके संरक्षण, पुनर्वास और आगे की वैधानिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
आरपीएफ ने बताया कि यह सफल रेस्क्यू अभियान ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत सहायक उप निरीक्षक अभिषेक कुमार तथा आरपीएफ स्टाफ मुन्ना महतो और मंजू कुमारी की सतर्कता एवं संवेदनशीलता से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

















