Attempted human trafficking foiled at Hatia station; four minors rescued, one arrested.

हटिया स्टेशन पर मानव तस्करी का प्रयास नाकाम, चार नाबालिगों को बचाया गया, एक गिरफ्तार

Attempted human trafficking foiled at Hatia station; four minors rescued, one arrested.
Attempted human trafficking foiled at Hatia station; four minors rescued, one arrested.

रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट हटिया ने मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन “AAHT” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग बालकों को मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाना, कोतवाली के हवाले कर दिया गया।

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आरपीएफ प्रभारी के नेतृत्व में 7 जुलाई को हटिया रेलवे स्टेशन पर चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित एस्केलेटर के पास एक संदिग्ध युवक चार नाबालिग बच्चों के साथ बैठा मिला। पूछताछ में युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद सभी को आरपीएफ पोस्ट लाकर विस्तृत पूछताछ की गई।

पूछताछ में चारों बच्चों ने अपनी पहचान बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर निवासी के रूप में बताई। वहीं युवक ने अपना नाम आशीष यादव (25 वर्ष), निवासी रजौली, नवादा (बिहार) बताया।

जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चों को रोजगार और मासिक वेतन का झांसा देकर बेंगलुरु ले जा रहा था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे सागर यादव नामक व्यक्ति ने चारों बच्चों को बेंगलुरु पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए उसे टिकट और यात्रा खर्च के लिए पैसे दिए गए थे तथा बच्चों को गंतव्य तक पहुंचाने पर 4,000 रुपये कमीशन मिलने वाला था। उसने यह भी कबूल किया कि करीब एक माह पहले वह दो अन्य नाबालिग बच्चों को भी इसी तरह बेंगलुरु ले गया था।

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तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक की-पैड मोबाइल फोन, हटिया से एसएमवीटी बेंगलुरु तक के पांच सामान्य श्रेणी के रेलवे टिकट तथा 660 रुपये नकद बरामद किए गए।

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्चों को अवैध रूप से बाल श्रम एवं शोषण के उद्देश्य से आर्थिक लाभ के लिए ले जाया जा रहा था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एएचटीयू थाना, कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 143(5), 3(5) तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75/81 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वहीं, चारों नाबालिगों को सुरक्षा और पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सफल कार्रवाई में आरपीएफ के उप निरीक्षक सोहन लाल, रीता कुमारी, सहायक उप निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह तथा आरपीएफ स्टाफ अमित सिंह और छोटी बाई मीणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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