लोहरदगा: ई-कोर्ट प्रणाली से न्याय प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी व आसान, व्यवहार न्यायालय में ई-फाइलिंग पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित

आनंद कुमार सोनी / लोहरदगा
लोहरदगा : तकनीकी युग में न्याय प्रणाली को आधुनिक और सुगम बनाने के उद्देश्य से लोहरदगा व्यवहार न्यायालय में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ई-कमिटी, सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली के निर्देशानुसार और झारखंड न्यायिक अकादमी, रांची के सौजन्य से यहाँ अधिवक्ताओं एवं अधिवक्ता लिपिकों के लिए ई-फाइलिंग पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में ई-कोर्ट्स प्रोग्राम (ECT-7, 2026) के तहत आयोजित हुआ, जिसका मुख्य विषय ई-फाइलिंग एवं ई-कोर्ट्स कैपेसिटी बिल्डिंग फेज-III’था।
न्यायिक प्रक्रिया में आएगा बड़ा बदलाव: राजकमल मिश्रा
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजकमल मिश्रा, लोक अभियोजक भरत राम और मुख्य प्रशिक्षक हेमंत कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया। इस मौके पर श्री राजकमल मिश्रा ने कहा:
“ई-कोर्ट प्रणाली के लागू होने से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनेगी। अब वादकारियों और अधिवक्ताओं को केस की स्थिति, केस संख्या और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां बस एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी।”

ई-फाइलिंग पोर्टल पर पंजीकरण हुआ अनिवार्य
शिविर में प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित अधिवक्ता सह मध्यस्थहेमंत कुमार सिन्हा, एलएडीसीएस चीफ नसीम अंसारी एवं डीएसए महेश प्रसाद सिन्हा ने ई-फाइलिंग की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अब न्यायालयों में फाइलिंग की पुरानी भौतिक (फिजिकल) व्यवस्था की जगह पूरी तरह डिजिटल माध्यम ले लेगा।,सभी अधिवक्ताओं और उनके लिपिकों (क्लर्कों) के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर भविष्य में केस फाइल करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।,इस व्यवस्था से अदालतों में कागजी काम कम होगा (पेपरलेस संस्कृति), जिससे पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ समय और धन दोनों की बड़ी बचत होगी।
प्रोजेक्टर के माध्यम से दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
अधिवक्ताओं की सहूलियत के लिए डीएसए श्री महेश प्रसाद सिन्हा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाइव रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्टेप-बाय-स्टेप गाइडलाइन देते हुए अधिवक्ताओं और लिपिकों को व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) ट्रेनिंग दी ताकि उन्हें पोर्टल चलाने में कोई परेशानी न हो। इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव श्री मनोरंजन कुमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान रजिस्ट्रार सिविल कोर्ट श्री अमित कुमार, अधिवक्ता संघ के सचिव श्री लाल दीपक कुमार सहित भारी संख्या में स्थानीय अधिवक्ता और अधिवक्ता लिपिक उपस्थित रहे। सभी ने इस डिजिटल बदलाव की सराहना की और इसे न्याय व्यवस्था के हित में एक बड़ा कदम बताया।
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