Two minor girls rescued at Ranchi Railway Station; saved from human trafficking and exploitation.

रांची रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग बालिकाओं का रेस्क्यू, मानव तस्करी और शोषण से बचाया गया

Two minor girls rescued at Ranchi Railway Station; saved from human trafficking and exploitation.
Two minor girls rescued at Ranchi Railway Station; saved from human trafficking and exploitation.

रांची: रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट रांची एवं मंडलीय “नन्हे फरिश्ते” टीम ने विशेष अभियान के तहत रांची रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्डलाइन रांची को सौंप दिया। दोनों बालिकाएं अलग-अलग परिस्थितियों में स्टेशन परिसर में अकेली और असुरक्षित अवस्था में मिली थीं।

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जानकारी के अनुसार, 24 जून को प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित प्रवेश द्वार के पास 15 वर्षीय फुलमंती कुमारी, निवासी लोहरदगा, संदिग्ध स्थिति में घूमती हुई मिली। पूछताछ में उसने बताया कि वह बिना परिजनों को बताए काम की तलाश में नागपुर जाने के उद्देश्य से घर से निकली थी।

वहीं दूसरी घटना में प्लेटफॉर्म संख्या-1 के मुख्य द्वार के समीप 12 वर्षीय काजल कुमारी, निवासी गिरिडीह, अकेली पाई गई। बालिका ने बताया कि दादी और चाची की डांट-फटकार से नाराज होकर वह घर छोड़कर रांची पहुंच गई थी।

आरपीएफ और नन्हे फरिश्ते टीम ने दोनों बालिकाओं की उम्र और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में लिया तथा आवश्यक काउंसलिंग की। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई किए जाने से दोनों बालिकाओं को संभावित शोषण, मानव तस्करी और अन्य खतरों से बचाया जा सका।

इसके बाद दोनों बालिकाओं को आगे की देखभाल, परामर्श, पुनर्वास और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए चाइल्डलाइन रांची के माध्यम से प्रेमाश्रय आश्रम, रांची को सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया।

इस अभियान को सफल बनाने में आरपीएफ पोस्ट कमांडर रांची, उपनिरीक्षक कमल दास, सुशीला बराइक, एस.पी. किरो, आशा टोप्पो, मंडलीय नन्हे फरिश्ते टीम, मेरी सहेली स्टाफ तथा चाइल्डलाइन रांची के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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