विधानसभा घेराव से पहले छात्रों को रांची प्रशासन गुजारिश , शांतिपूर्ण करे प्रोटेस्ट गैरकानूनी प्रदर्शन से करियर पर पड़ सकता है असर

Ranchi News: झारखंड में छात्र संगठनों के आंदोलन के बीच 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर रांची जिला प्रशासन ने छात्रों को लेकर एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। जिला प्रशासन ने छात्रों से किसी भी तरह के आक्रामक या गैरकानूनी प्रदर्शन से दूर रहने की अपील करते हुए कहा है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसका असर उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर भी पड़ सकता है।

रांची जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से 9 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 10 अगस्त को कुछ छात्र संगठनों की ओर से विधानसभा घेराव किए जाने की सूचना मिली है। इसे देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष व्यवस्था की है।
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा
जिला प्रशासन के अनुसार, झारखंड विधानसभा के नए परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन, धरना या अन्य ऐसी गतिविधि करना गैरकानूनी माना जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दायरे में झारखंड हाईकोर्ट परिसर को निषेधाज्ञा से बाहर रखा गया है।
प्रशासन का कहना है कि 10 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

छात्रों से कहा- उग्र प्रदर्शन से बचें
रांची जिला प्रशासन ने अपने संदेश की शुरुआत छात्रों को संबोधित करते हुए की है। प्रशासन ने कहा कि यदि किसी छात्र को किसी मुद्दे को लेकर शिकायत या समस्या है तो वह अपनी बात शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से रखे।
प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की आक्रामकता या हिंसक गतिविधि का हिस्सा न बनें। प्रशासन के मुताबिक आक्रामक प्रदर्शन से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।

पुलिस केस हुआ तो नौकरी में भी परेशानी का दावा
जिला प्रशासन ने छात्रों को उनके भविष्य को लेकर विशेष रूप से आगाह किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंसक या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई का असर शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य में नौकरी की संभावनाओं पर पड़ सकता है। मौजूदा समय में कई सरकारी और निजी नौकरियों में पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया होती है। ऐसे में किसी नकारात्मक रिकॉर्ड को भविष्य में नौकरी अथवा ठेका प्राप्त करने में बाधा के तौर पर देखा जा सकता है।
हालांकि, प्रशासन की विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छात्रों को अपनी शिकायतों के लिए शांतिपूर्ण और कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।

‘आप राष्ट्र और राज्य के कर्णधार हैं’
अपने संदेश में जिला प्रशासन ने छात्रों को राष्ट्र और राज्य का भविष्य बताते हुए संयम बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि छात्रों को किसी के बहकावे में आने के बजाय वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
प्रशासन ने छात्रों से कहा है कि उनकी प्राथमिकता पढ़ाई, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य होना चाहिए। किसी भी समस्या के समाधान के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी गई है।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
दरअसल, झारखंड में छात्र संगठनों और सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन का दौर जारी है। इसी क्रम में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसे देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही छात्रों के नाम यह अपील जारी की है।
अब प्रशासन की इस चेतावनी के बाद 10 अगस्त को प्रस्तावित छात्र आंदोलन को लेकर प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है।
जिला प्रशासन ने एक बार फिर छात्रों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखें, किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।





















