JPSC-JSSC आंदोलन: कल विधानसभा घेराव, शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील के बीच असामाजिक तत्वों पर नजर जरूरी

रांची: जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। आंदोलन को लेकर छात्रों की ओर से लगातार शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है।
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ऐसे में कल होने वाले प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं और आयोजकों की जिम्मेदारी भी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की स्थिति में यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि किसी भी बाहरी या असामाजिक तत्व को आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने का मौका न मिले।


छात्रों की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसी मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन एक गंभीर मुद्दे से जुड़ा है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के दौर भी हुए हैं, लेकिन कई प्रमुख मुद्दों पर अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है।


दिल्ली में NEET विवाद के दौरान भी विरोध-प्रदर्शनों के बीच तनाव और अव्यवस्था की घटनाएं सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्टों में दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन में असामाजिक तत्वों के प्रवेश का दावा भी किया गया था। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं और प्रदर्शनों को एक-दूसरे के समान मानना उचित नहीं होगा।

ऐसे में रांची में कल होने वाले विधानसभा घेराव के दौरान आंदोलनकारी छात्रों को भी अनुशासन बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों से खुद को अलग रखने की जरूरत होगी। छात्र नेता यदि अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से भीड़ पर नजर रखें और किसी संदिग्ध व्यक्ति या उकसावे की सूचना तत्काल पुलिस-प्रशासन को दें, तो प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

प्रशासन और पुलिस के लिए भी चुनौती यही होगी कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी हालिया घटनाक्रम के बीच संवाद के जरिए समाधान और पारदर्शिता का भरोसा जताया है।




















