मिसाल: जब घायल की जान बचाने के लिए खुद सड़क पर उतरे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, बनवाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’
मिसाल: जब घायल की जान बचाने के लिए खुद सड़क पर उतरे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, बनवाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’

नवीन कुमार
रांची: राजनीति में अक्सर नेताओं पर आरोप लगते हैं कि वे घटनाओं के बाद सिर्फ बयानबाजी करते हैं, लेकिन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मंगलवार को रांची में मानवता और संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। पंडरा इलाके में हुई गोलीबारी की घटना के बाद जिस तरह उन्होंने सक्रियता दिखाई, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है।
संकट के समय बने ‘संकटमोचन’
पंडरा थाना क्षेत्र के ओटीसी ग्राउंड के पास जैसे ही गोलीबारी की गूंज सुनाई दी, संजय सेठ बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गए। अपने आवास के समीप हुई इस घटना में उन्होंने केवल एक राजनेता की तरह प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि एक संरक्षक की भूमिका निभाई।
तुरंत मौके पर पहुंचना: सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों को ढांढस बंधाया।
निजी सुरक्षाकर्मियों की मदद: गंभीर रूप से घायल भार्गव सिंह को उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों की मदद से तुरंत अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की।
ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण: समय की कीमत को समझते हुए उन्होंने तत्काल पुलिस प्रशासन से समन्वय किया और शहर की भीड़भाड़ के बीच ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार करवाया, ताकि घायल युवक को बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द पारस अस्पताल पहुंचाया जा सके।
संवेदनशीलता और कड़ा रुख
संजय सेठ ने न केवल घायल के इलाज की जिम्मेदारी उठाई, बल्कि अस्पताल प्रबंधन को भी व्यक्तिगत रूप से सर्वश्रेष्ठ उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एक ओर जहाँ उनका मानवीय चेहरा दिखा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के बुलंद हौसलों को कुचलना उनकी प्राथमिकता है।
जनता में सराहना
हालांकि घायल युवक की मौत हो गयी लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर मंत्री जी ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई होती तो वो जिंदा अस्पताल तक भी नही पहुँच पाता
जाहिर है आज सुबह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास के पास वाली गली में अपराधियों ने एक युवक को दिनदहाड़े गोली मार दी. इस वारदात में भार्गव सिंह को गोली लगी थी और वो बुरी तरह घायल हो गया था . अपने घर के पास गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद रक्षा राज्य मंत्री खुद मौके पर पहुंचे और अपने सुरक्षाकर्मियो की सहायता से गंभीर रूप से घयाल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया. स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक को पीछे से गोली मारी गई है.
















