रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन आज: रांचीवासियों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
झारखंड की राजधानी रांची के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि बहुप्रतीक्षित रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया जाएगा। यह 4.1 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर, जिसका निर्माण 558 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है, रांचीवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत दिलाएगा।
रातू रोड को जाम से मुक्ति
रातू रोड, जो लंबे समय से ट्रैफिक जाम का पर्याय रहा है, अब इस एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए नई रफ्तार पकड़ेगा। कचहरी चौक से ओटीसी मैदान तक फैला यह फ्लाईओवर नागाबाबा खटाल से हेहल पोस्ट ऑफिस तक के सफर को मात्र 4-5 मिनट में पूरा करने में सक्षम बनाएगा, जो पहले 30 से 45 मिनट तक लेता था। इससे मांडर, रातू, बेड़ो और नगड़ी जैसे क्षेत्रों से आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों को सुविधा होगी।
उद्घाटन समारोह की भव्य तैयारी
पंडरा स्थित ओटीसी ग्राउंड में आयोजित उद्घाटन समारोह के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ रक्षा राज्यमंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ, एनएचएआई के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे। समारोह के बाद एक रोड शो का भी आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। रांची नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाने और स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शहर इस अवसर पर चमक उठे।
कॉरिडोर की खासियतें
रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 4.1 किमी (कचहरी चौक से ओटीसी मैदान तक), इसके निर्माण में 558 करोड़ रुपये की लागत आई है। रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर में 101 पिलर है। इसके साथ ही 200 स्ट्रीट लाइट्स, सौंदर्यीकरण के लिए मिनी गार्डन और पौधारोपण किया गया है।
नामकरण पर चर्चा
इस फ्लाईओवर के नामकरण को लेकर भी चर्चा जोरों पर है। जहां कांग्रेस और जेएमएम ने इसका नाम पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के नाम पर रखने की मांग की है, वहीं कुछ संगठनों ने स्वतंत्रता सेनानी वीर बुधु भगत और अन्य स्थानीय नायकों के नाम प्रस्तावित किए हैं। हालांकि, अभी तक नामकरण पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
रांची के लिए एक नया युग
रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि शहर के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह परियोजना केंद्र और झारखंड सरकार की संयुक्त पहल का परिणाम है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने समयबद्ध तरीके से पूरा किया। उद्घाटन के बाद यह फ्लाईओवर रांचीवासियों के लिए समय, ईंधन और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनेगा।
















