नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ से लेकर अभिनेत्री-फैशन डिजाइनर तक, मोदी-शाह किसके हाथों सौंपेंगे बंगाल की कमान? CM पद की रेस शुरू!

नई दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा में प्रचंड बहुमत हासिल की है। इस जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल ये होगा कि बंगाल का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा? भाजपा की रणनीति रही है कि वह आमतौर पर राज्य चुनावों में मुख्यमंत्री का चेहरा पहले से घोषित नहीं करती। लेकिन इस बार पार्टी के अंदर और बाहर चर्चा जोरों पर है। शुभेंदु अधिकारी से लेकर रूपा गांगुली तक, कई दिग्गज नेता CM पद की रेस में शामिल हैं।
शुभेंदु अधिकारी: टॉप दावेदार, लेकिन विवाद भी
TMC छोड़कर भाजपा में आए शुभेंदु अधिकारी फिलहाल मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर उन्होंने ‘जायंट किलर’ का तमगा हासिल किया। उनके पास जबरदस्त जमीनी पकड़ और संगठनात्मक ताकत है। हालांकि, नारदा स्टिंग मामले में उनका नाम आने से कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। फिर भी, बंगाल की सड़कों पर शुभेंदु की लोकप्रियता और तृणमूल के खिलाफ उनकी आक्रामक छवि उन्हें सबसे आगे रखती है।
दिलीप घोष: संगठन का चेहरा
2021 में भाजपा को मुख्य विपक्षी दल बनाने का श्रेय पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को जाता है। भले ही अब वे प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन बंगाल की राजनीति में उनका दबदबा बरकरार है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले घोष की छवि ‘मास लीडर’ वाली है और हिंदुत्व के मुद्दों पर उनकी बेबाकी उन्हें पार्टी के कोर वोटर्स के बीच काफी पसंद की जाती है।
समीक भट्टाचार्य: बैकफुट का मास्टर
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य को पार्टी में ‘सबको साथ लेकर चलने वाले’ नेता के रूप में देखा जाता है। उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। अगर भाजपा एक ‘कंसेंसस कैंडिडेट’ चाहती है, तो समीक भट्टाचार्य मजबूत विकल्प हो सकते हैं।
महिला चेहरों की दावेदारी
भाजपा अगर बंगाल में ‘महिला सीएम’ का प्रयोग करना चाहे तो दो नाम सबसे आगे हैं:
अग्निमित्रा पॉल : फैशन डिजाइनर से नेता बनी अग्निमित्रा इस चुनाव में आसनसोल दक्षिण सीट बरकरार रखने में कामयाब रहीं। उनकी बेबाक बोलने की स्टाइल और सोशल मीडिया पर सक्रियता उन्हें युवा और महिला वोटर्स के बीच लोकप्रिय बनाती है।
रूपा गांगुली : पूर्व राज्यसभा सांसद और मशहूर अभिनेत्री रूपा गांगुली ने महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में जमीनी काम किया है। उनकी सिनेमा बैकग्राउंड और पॉपुलैरिटी भाजपा के लिए अतिरिक्त लाभ हो सकती है।
निशिथ प्रामाणिक: उभरता चेहरा
केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रामाणिक का नाम भी CM रेस में जोर-शोर से लिया जा रहा है। उत्तरी बंगाल में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
अंतिम फैसला किसके हाथ?
सभी की निगाहें अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर टिकी हैं। बंगाल में स्थिर सरकार और लंबे समय तक सत्ता बनाए रखने के लिए कौन सा चेहरा सबसे उपयुक्त होगा।

















