Attempt to suppress Rs 10,000 crore treasury scam?

10,000 करोड़ के ट्रेजरी घोटाले को दबाने की कोशिश? भाजपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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Attempt to suppress Rs 10,000 crore treasury scam?

रांची : झारखंड की राजनीति में कथित 10,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी घोटाले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर इस मामले को “मदर ऑफ ऑल स्कैम” बताते हुए इसे सुनियोजित तरीके से दबाने का आरोप लगाया है।

SIT गठन और जांच पर उठे सवाल

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार द्वारा गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनका आरोप है कि टीम में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन पर खुद पहले से जांच की तलवार लटकी हुई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी पहले वर्ष 2020 से रिकॉर्ड मांग रही थी, लेकिन एजी (महालेखा परीक्षक) की आपत्ति के बाद अब 2011 से दस्तावेज जुटाने की बात सामने आई है, जो जांच की दिशा पर संदेह पैदा करता है।

छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई, बड़े अधिकारी सुरक्षित?

भाजपा प्रवक्ता ने वित्त विभाग के हालिया आदेश पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि तीन साल से अधिक समय से एक ही पद पर जमे क्लर्क और किरानियों के तबादले का आदेश दिया गया है, जबकि एसपी, डीएसपी और ट्रेजरी अधिकारियों को उनके पदों पर ही बनाए रखा गया है। “असल आरोप तो बड़े अधिकारियों पर हैं, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों पर हो रही है,” उन्होंने कहा।

बोकारो स्ट्रांग रूम में सोने की सुरक्षा पर सवाल

प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि बोकारो ट्रेजरी के स्ट्रांग रूम में 12 से 14 किलो सोना जमा है। उन्होंने राज्य सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि यह सोना सुरक्षित है या नहीं। साथ ही एसआईटी से भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग की।

नियमों की अनदेखी का आरोप

उन्होंने झारखंड वित्तीय नियमावली और ट्रेजरी कोड के नियम 305 का हवाला देते हुए कहा कि डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) को सरकारी धन के उपयोग में वही सतर्कता बरतनी चाहिए, जैसी अपने निजी खर्च में करते हैं। इसके बावजूद एक माह बीतने के बाद भी संबंधित अधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

एजी रिपोर्ट में सामने आई गड़बड़ियां

प्रतुल शाहदेव ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को प्रिंसिपल एजी की रिपोर्ट में ट्रेजरी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार:

58% डीए (महंगाई भत्ता) को कई गुना बढ़ाकर लिया गया
2175 मामलों में जन्मतिथि में हेरफेर
2890 पैन नंबर में बदलाव
5037 कर्मचारियों की जॉइनिंग डेट में छेड़छाड़
इन तथ्यों को आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा संगठित घोटाला है।

CBI और ED जांच की मांग

भाजपा ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों—सीबीआई और ईडी से कराने की मांग की है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यदि राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है, तो भाजपा भविष्य में बड़ा कदम उठाएगी। इस प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी मौजूद थे।

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