ED Joint Director Prabhakar Prabhat.

ऑपरेशन ट्रेजरी क्लीन: झारखंड में ‘वेतन घोटाले’ पर ED की इंट्री, खाकी के बड़े चेहरों की नींद उड़ी

Share
Link copied

ED Joint Director Prabhakar Prabhat.

रांची: झारखंड पुलिस महकमे में वेतन के नाम पर हुए करोड़ों के खेल ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची, हजारीबाग और बोकारो में हुई फर्जी निकासी के मामले में ECIR दर्ज कर अपनी फाइल खोल दी है। इस कदम से पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक के गलियारों में खलबली मच गई है।

पैसा लौटाया, पर ‘गुनाह’ नहीं धो पाए साहब!

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प और संदिग्ध भूमिका उन डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारियों की है, जिन्होंने मामला गरमाते देख अपने खातों में आई फर्जी राशि को आनन-फानन में वापस सरकारी खजाने में जमा कर दिया था।

ED का शिकंजा:जांच एजेंसी का मानना है कि पैसा लौटाना ही इस बात का सबूत है कि अधिकारी को ‘अवैध निकासी’ की जानकारी थी।
मनी लॉन्ड्रिंग: अब ED यह खंगाल रही है कि क्या यह केवल एक तकनीकी चूक थी या एक संगठित वित्तीय अपराध (Money Laundering)।

तीन शहर, एक ही मोडस ऑपरेंडी (Modus Operandi)

AG (प्रधान महालेखाकार) चंद्र मौली सिंह की सतर्कता ने इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। शुरुआती जांच में जो सुराग मिले, उनसे साफ है कि:
1. रांची, हजारीबाग और बोकारो के ट्रेजरी को निशाना बनाया गया।
2. पुलिस विभाग के वेतन मद (Salary Head) से अवैध तरीके से मोटी रकम निकाली गई।
3. SIT अब तक 12 मोहरों को जेल भेज चुकी है, लेकिन असली ‘खिलाड़ी’ अभी भी रडार पर हैं।

इसे भी पढ़े : झारखंड में अवैध निर्माण को वैध करने की प्रक्रिया शुरू: मंत्री सुदिव्य कुमार ने लॉन्च किया ‘भवन नियमितीकरण 2026’ पोर्टल

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।