Chief Minister's review meeting: Instructions to increase transparency in PDS and open new dal-bhaat centers for urban workers

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक: पीडीएस में पारदर्शिता बढ़ाने और शहरी श्रमिकों के लिए नए दाल-भात केंद्र खोलने के निर्देश

Chief Minister's review meeting: Instructions to increase transparency in PDS and open new dal-bhaat centers for urban workers
Chief Minister’s review meeting: Instructions to increase transparency in PDS and open new dal-bhaat centers for urban workers
Chief Minister's review meeting: Instructions to increase transparency in PDS and open new dal-bhaat centers for urban workers
Chief Minister’s review meeting: Instructions to increase transparency in PDS and open new dal-bhaat centers for urban workers

रांची : मुख्यमंत्री Hemant Soren ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरेखा है, इसलिए पात्र लाभुकों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राशन कार्ड से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने और अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित दाल-भात केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि शहरी श्रमिकों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर नए केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित करने की भी बात कही, ताकि जरूरतमंद लोगों को मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से सभी पात्र परिवारों तक खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि 60 लाख क्विंटल लक्ष्य के मुकाबले राज्य में 49.25 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई है। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से बातचीत कर भुगतान की जानकारी ली। किसान ने बताया कि 160 क्विंटल धान बेचने के एवज में उन्हें एक ही दिन में भुगतान प्राप्त हो गया।

मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत और नए गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अनाज के बेहतर भंडारण पर जोर दिया। साथ ही सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना समेत विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री Irfan Ansari, मुख्य सचिव Avinash Kumar, विकास आयुक्त Ajay Kumar Singh तथा विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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