Chief Minister Hemant Soren's vision transforms the rural economy; Jharkhand's mangoes reach London and Dubai under the ‘Palash’ brand.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के विजन से बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था, ‘पलाश’ ब्रांड के जरिए झारखंड का आम पहुंचा लंदन और दुबई

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Chief Minister Hemant Soren's vision transforms the rural economy; Jharkhand's mangoes reach London and Dubai under the ‘Palash’ brand.
Chief Minister Hemant Soren’s vision transforms the rural economy; Jharkhand’s mangoes reach London and Dubai under the ‘Palash’ brand.

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की दूरदर्शी सोच और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत के बल पर झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है। ‘पलाश’ ब्रांड के तहत संचालित झारखंड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ग्रामीण किसानों और सखी मंडल की महिलाओं के लिए आजीविका का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के जरिए राज्य के आम लंदन और दुबई जैसे वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।

कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर फलदार पौधों का रोपण किया गया था। इसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। वर्तमान में झारखंड के करीब 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बागान विकसित हो चुके हैं, जिससे लगभग 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार और आय का स्रोत मिला है। इस वर्ष करीब 52 हजार एकड़ क्षेत्र में आम की तुड़ाई के लिए बागान तैयार हैं और लगभग 50 हजार मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है।

इस पूरी प्रक्रिया में सखी मंडल की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। वे आम के संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा किसानों को किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है।

राज्य ने आम निर्यात के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सिमडेगा जिले से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम लंदन भेजे गए हैं, जबकि रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई निर्यात किए गए हैं। सिमडेगा, रामगढ़ और पूर्वी सिंहभूम जिले इस पहल में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। आम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ICAR-RCER, पलांडू तकनीकी सहयोग और गुणवत्ता मानकों की निगरानी कर रहा है।

किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए आमों को गुणवत्ता के आधार पर ग्रेड-ए, बी और सी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ग्रेड-ए आमों का निर्यात यूएई, सऊदी अरब और ब्रिटेन जैसे देशों में किया जा रहा है, जबकि घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के माध्यम से बेचा जा रहा है। गुमला के एफपीओ ने अकेले अपना मार्ट को 2,000 किलोग्राम आम की आपूर्ति की है।

राज्य में सक्रिय 115 एफपीओ को पलाश मैंगो कैनोपी काउंटर्स से जोड़ा गया है। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 2,24,200 किलोग्राम आम की बिक्री हो चुकी है, जिससे 60.51 लाख रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। बाजार विस्तार के लिए राज्य सरकार ब्लॉक और जिला स्तर पर किसान मेले तथा बायर-सेलर मीट का आयोजन कर रही है। वहीं, ऑनलाइन और संगठित खुदरा बाजारों में पहुंच बढ़ाने के लिए ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट समूहों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है।

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