अमेरिका-ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर, युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू

वॉशिंगटन/पेरिस/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए दोनों देशों ने अंतरिम शांति समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने फ्रांस के ऐतिहासिक Palace of Versailles में हस्ताक्षर किए, जबकि ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज को मंजूरी दी। समझौता हस्ताक्षर के तुरंत बाद प्रभावी हो गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस अंतरिम समझौते का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करना तथा क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करना है। समझौते में तत्काल युद्धविराम, लेबनान में संघर्ष समाप्त करने की पहल, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान पर लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड के निकट लूसर्न क्षेत्र में प्रस्तावित थे, लेकिन कूटनीतिक प्रयासों में तेजी आने के कारण निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही फ्रांस के वर्साय पैलेस में दस्तखत कर दिए गए।
समझौते के तहत अगले 60 दिनों के भीतर दोनों पक्ष व्यापक वार्ता करेंगे, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अंतिम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात बहाल करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
हालांकि, समझौते के कई बिंदुओं और दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण लेकिन प्रारंभिक कदम है। समझौते के कई प्रावधानों की आधिकारिक विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और दोनों देशों द्वारा आगे की वार्ताओं के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

















