12-year-old boy rescued from Ranchi railway station under Operation 'Nanhe Farishte'; handed over to Childline.

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत रांची रेलवे स्टेशन से 12 वर्षीय बालक का रेस्क्यू, चाइल्डलाइन को सौंपा गया

12-year-old boy rescued from Ranchi railway station under Operation 'Nanhe Farishte'; handed over to Childline.
12-year-old boy rescued from Ranchi railway station under Operation ‘Nanhe Farishte’; handed over to Childline.

रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट, रांची ने ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत चाइल्डलाइन, रांची को सौंप दिया।

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आरपीएफ के अनुसार, 6 जुलाई की सुबह रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर नियमित गश्त और जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की नजर एक नाबालिग बालक पर पड़ी, जो अकेले संदिग्ध परिस्थिति में घूम रहा था। पूछताछ में बालक ने अपना नाम करण कुमार (12 वर्ष), पिता रतनेश राय, मूल निवासी हसनपुर, जिला समस्तीपुर (बिहार) तथा वर्तमान पता लालपुर, डिस्टनरी भवन नंबर-10, रांची बताया।

बालक ने आरपीएफ को बताया कि उसकी मां द्वारा बार-बार डांटने से नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर से निकल आया था। इसके बाद आरपीएफ ने उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे अपने संरक्षण में लेकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचाया।

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को उसकी देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चाइल्डलाइन, रांची के सुपुर्द कर दिया गया। इस रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने में उप निरीक्षक सुनीता तिर्की, सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार तथा प्रधान आरक्षक पी.सी. महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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