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कोडरमा में ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संवाद’ का आयोजन; केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा- जागरूकता से मातृ व शिशु मृत्यु दर में आई कमी

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विनय सिन्हा (बेलु  )  / कोडरमा 

कोडरमा: “मातृ पोषण की डोर, उज्ज्वल भविष्य की ओर” के संकल्प के साथ झारखंड के कोडरमा में ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संवाद कार्यक्रम’ की भव्य शुरुआत की गई। झूमरी तिलैया के शिव वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बरकट्ठा के विधायक अमित यादव शामिल हुए।

इस जागरूकता और संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया, गर्भवती महिलाएं और किशोरी बालिकाओं ने हिस्सा लिया।

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गर्भधारण से लेकर शुरुआती 1000 दिन बेहद महत्वपूर्ण

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और किशोरियों के साथ ‘स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु और सशक्त भारत’ की परिकल्पना को लेकर सीधा संवाद किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों और अतिथियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म के शुरुआती 1000 दिन (First 1000 Days) माँ और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी हैं।

योजना का लाभ: इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भधारण के साथ-साथ बच्चे के उचित पालन-पोषण और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

पहले 1000 दिन से शुरू होती है नई पहचान: अमित यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बरकट्ठा विधायक अमित यादव ने शिशु के शुरुआती दिनों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “जीवन के पहले 1000 दिन बेहद खास होते हैं, यहीं से बच्चे की नई कहानी, नई पहचान और नई जवानी की मजबूत शुरुआत होती है।”

जागरूकता से कम हुई मातृ और शिशु मृत्यु दर: अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने योजना की सफलता पर बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और इसके तहत चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों का जमीन पर बड़ा सकारात्मक असर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इस योजना की शुरुआत के बाद से मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में काफी कमी दर्ज की गई है, जो कि एक सुरक्षित और सशक्त भविष्य का संकेत है।

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