चक्रधरपुर में विवाहिता की मौत के बाद विवाद, झाड़फूंक के आरोपों से गांव में तनाव; पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
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ईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के पनसुवां गांव में एक विवाहिता की मौत के बाद मामला विवादों में घिर गया है। मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चलते झाड़फूंक कराई गई, जिससे इलाज में देरी हुई और अंततः उसकी मौत हो गई। हालांकि, ससुराल पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि परिवार ने उपलब्ध संसाधनों के अनुसार हरसंभव इलाज कराया।

मृतका की पहचान करिश्मा के रूप में हुई है। मृतका के चाचा कमल राय का कहना है कि करिश्मा की तबीयत अचानक खराब होने लगी थी, लेकिन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले गांव में झाड़फूंक कराई गई। उनका आरोप है कि काफी देर बाद जब उसकी हालत गंभीर हो गई, तब उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उनका कहना है कि यदि समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
वहीं, मृतका के ससुर निर्मल प्रधान ने मायके पक्ष के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि परिवार ने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती और जो भी संभव था, वह किया गया। उन्होंने झाड़फूंक के कारण इलाज में देरी होने के आरोप को भी गलत बताया।
घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव का माहौल है। मायके वालों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसी बीच, कथित झाड़फूंक से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
चक्रधरपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेज, कथित वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं तो उसके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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