भूमि वापसी की सुनवाई व निष्पादन के लिए पीठासीन पदाधिकारी के रूप में श्री चंपई सोरेन को प्राधिकृत करने का निर्णय माननीय मुख्यमंत्री का एक ऐतिहासिक कदम : बंधु तिर्की.
Team Drishti.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची : सीएनटी की धारा 49(5) के तहत आदिवासियों की भूमि वापसी की सुनवाई व निष्पादन के लिए पीठासीन पदाधिकारी के रूप में श्री चंपई सोरेन को प्राधिकृत करने का निर्णय माननीय मुख्यमंत्री का एक ऐतिहासिक कदम है। यह बातें मांडर विधायक बंधु तिर्की ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पत्रकारों से कही, उन्होंने कहा मैं इस फैसले का स्वागत करता हूँ। झारखंडी जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का यह एक बड़ा उदाहरण है श्री चंपई सोरेन आंदोलनकारी जमीन से जुड़े एक संघर्षशील नेता है अतः राज्य की जनता को निश्चित रूप से न्याय मिलेगा इसके साथ ही कांके में 25 एकड़ सरकारी जमीन घोटाले की एसीबी जांच का आदेश राज्य में सक्रिय भू-माफियाओं के लिए एक बड़ा संदेश है की सरकार ऐसी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। भूमि विवाद के समाधान हेतु लिए गए इन निर्णयों से राज्य की जनता का सरकार पर भरोसा बढ़ा है हम आग्रह करते हैं कि राज्य के अन्य शहरों में चल रही इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश लगाने पर कड़ी पहल की जाए।

रांची के अनगढ़ प्रखंड में रांची पुरुलिया मार्ग पर तथा इसी प्रखंड के अन्य इलाकों पर सरकारी और आदिवासी जमीन की अवैध खरीद बिक्री में कई गिरोह सक्रिय हैं इनकी जांच होनी चाहिए, दूसरी और रांची शहर में लीज या पट्टे पर व्यवसायिक कार्य हेतु लिए गए जमीन की अद्यतन रिपोर्ट उपायुक्त द्वारा मांगी जानी चाहिए। ऐसी लगातार शिकायतें आ रही है कि व्यवसाय हेतु लीज या पट्टे पर लिए गए जमीनों पर धोखाधड़ी से लीज धारियों ने जमीन के मूल मालिकों को जमीन से बेदखल कर दिया है। इन्हें सत्यापित किए जाने की आवश्यकता है राज्य के शहरों के निकटवर्ती अंचलों की सरकारी, गैरमजरूआ जमीन की अवैध खरीद फरोख्त की जांच हेतु संबंधित जिलों के उपायुक्तों को समयबद्ध जांच के निर्देश दिए जाए। शिक्षा, श्रम, कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा उनपर माननीय मुख्यमंत्री के फैसले और निर्देशों का राज पर दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
















