14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों का विरोध शुरू, बोले- मेहनत से पास किया, भविष्य से न खेले सरकार

रांची: झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब उन अभ्यर्थियों की चिंता भी सामने आने लगी है, जिन्होंने 14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। परीक्षाएं रद्द किए जाने के फैसले से सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी की जांच करनी है तो दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदारी से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जाए।

सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए लंबे समय तक तैयारी की। कई अभ्यर्थियों ने नौकरी की उम्मीद में अपनी दूसरी योजनाएं तक रोक दीं। परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन विवाद के कारण पूरा मामला फिर अनिश्चितता में चला गया है।
‘गलती किसी ने की तो सजा हमें क्यों?’
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए। लेकिन जिन अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत से परीक्षा पास की है, उन्हें पूरी तरह से दोषी मानना उचित नहीं है।
उनका सवाल है कि अगर किसी ने परीक्षा में गड़बड़ी की है तो उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों पर क्यों डाली जाए? सरकार को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए जिससे जांच भी हो और मेहनत से सफल हुए उम्मीदवारों के साथ अन्याय भी न हो।

बैकलॉग परीक्षा के अभ्यर्थियों की भी बढ़ी चिंता
बैकलॉग परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों की चिंता भी इसी वजह से बढ़ गई है। JPSC ने जून और जुलाई में बैकलॉग प्रारंभिक परीक्षाओं के परिणाम जारी किए थे। 2023 बैकलॉग प्रारंभिक परीक्षा में 125 अभ्यर्थी सफल हुए थे, जबकि 2025 बैकलॉग परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया था।
अब परीक्षा रद्द होने की स्थिति में इन अभ्यर्थियों के सामने आगे की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी, परिणाम आया और वे सफल हुए। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।
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जांच हो, लेकिन सफल अभ्यर्थियों के भविष्य का भी ध्यान रखे सरकार
14वीं JPSC परीक्षा के परिणाम के बाद कई अभ्यर्थियों ने कटऑफ, मेरिट लिस्ट और OMR से जुड़े सवाल उठाए थे। बाद में मामले की जांच CID/SIT स्तर पर शुरू हुई और जांच का दायरा बढ़ा। कुछ सफल अभ्यर्थियों ने अपनी OMR शीट की कॉपी भी जांच एजेंसी को भेजी थी।
ऐसे में सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि जांच और कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन मेहनत से परीक्षा पास करने वालों के भविष्य की सुरक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है।
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अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले में ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे वास्तविक गड़बड़ी सामने आए, दोषियों पर कार्रवाई हो और निर्दोष एवं मेहनत से सफल हुए अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो।




















