नेपाल में कुदरत का कहर: भीषण बाढ़ से अभी तक 587 लोगों की मौत, करीब 2,500 लापता

काठमांडू: नेपाल में भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। आपदा के कारण अब तक 587 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लगातार जारी राहत और बचाव अभियान के बीच मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई इलाकों में पानी और मलबे ने घरों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया है। कई प्रमुख संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी मुश्किलें आ रही हैं। बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए हैं।

आपदा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों और राहत एजेंसियों की टीमें लगातार तलाशी और बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में दबे लोगों को तलाशने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। कई इलाकों में संचार और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों से संवेदनशील और निचले इलाकों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। कुछ स्थानों पर जलस्तर और मलबे के कारण दोबारा बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा से भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। कई भारतीयों के संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। संबंधित एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में जुटी हैं। नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि दुर्गम इलाकों में संपर्क और तलाशी अभियान आगे बढ़ने के बाद आपदा से हुए नुकसान की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।















