JPSC परीक्षा घोटाला: एल ख्यांग्ते और अभय तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, CID ने किया कड़ा विरोध, फैसला सुरक्षित
दृष्टि नाउ, रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा गड़बड़ी मामले में नामजद राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते, मुख्य अभियुक्त अभय तिवारी, सौरभ सुमन और अरविंद कुमार की जमानत अर्जी पर CID की विशेष अदालत में सुनवाई संपन्न हो गई है। अदालत ने बचाव पक्ष और CID की दलीलें सुनने के उपरांत अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अदालत में पेश की गई 1000 पन्नों की केस डायरी
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान CID ने अदालत के समक्ष लगभग 1000 पन्नों का विस्तृत आरोप-पत्र और केस डायरी प्रस्तुत की थी। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने साक्ष्यों का हवाला देते हुए आरोपियों को जमानत न दिए जाने का कड़ा विरोध किया। सीआईडी ने दलील दी कि मामला अत्यंत गंभीर है और अभियुक्तों को राहत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है।

कमीशनखोरी और अवैध नियुक्तियों के गंभीर आरोप
सीआईडी द्वारा दर्ज कांड संख्या 16/2026 में अब तक 24 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पूर्व अध्यक्ष पर रिश्वत का आरोप
लगभग एक साल तक JPSC अध्यक्ष पद पर रहे पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते पर परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं से बड़ी राशि बतौर कमीशन लेने का आरोप है।
मास्टरमाइंड की साठगांठ
मामले का मुख्य आरोपी अभय तिवारी है, जिसके परिजनों को JPSC की विभिन्न परीक्षाओं के जरिये फर्जी तरीके से नियुक्तियां दिलाने का मामला सामने आया है।
फिलहाल सभी नामजद आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विशेष अदालत जमानत याचिका पर क्या रुख अपनाती है।
















