गिरिडीह नगर थाना के अंदर युवक की पिटाई का वीडियो वायरल, ASP ने शुरू की जांच
गिरिडीह। गिरिडीह नगर थाना से सामने आए एक कथित मारपीट के वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वर्दी पहने कुछ पुलिसकर्मी एक युवक की पिटाई करते नजर आ रहे हैं। घटना में घायल युवक लखन साव (25) को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार ने ASP सुरजीत कुमार को जांच की जिम्मेदारी दी है। ASP ने मंगलवार को सदर अस्पताल पहुंचकर घायल युवक से घटना की जानकारी ली। इसके बाद नगर थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की गई।
होटल के पास खड़ा था युवक, पेट्रोलिंग टीम से हुआ विवाद
पीड़ित लखन साव मुफस्सिल थाना क्षेत्र के झगरी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके मुताबिक, सोमवार रात वह अपने कुछ दोस्तों के साथ ऑर्बिट होटल के पास खड़ा था। इसी दौरान नगर थाना की पेट्रोलिंग टीम वहां पहुंची।
लखन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसे सड़क पर पटककर पीटा गया। इसके बाद उसकी बाइक और मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया।

बाइक छुड़ाने थाना पहुंचा तो फिर पिटाई का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, बाद में वह अपने भाइयों और परिजनों के साथ बाइक छुड़ाने नगर थाना पहुंचा। यहां भी विवाद बढ़ गया।
लखन का आरोप है कि थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह समेत कुछ पुलिसकर्मियों ने थाना परिसर स्थित सीरिस्ता के अंदर उसकी फिर से पिटाई की। इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह थाना परिसर में गिर पड़ा। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
वायरल वीडियो ने बढ़ाए सवाल
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में थाना परिसर के अंदर वर्दी पहने पुलिसकर्मियों के बीच एक युवक दिखाई दे रहा है और उसके साथ मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
हालांकि नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने युवक के साथ मारपीट किए जाने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर युवक और उसके साथी खड़े थे, वहां अक्सर लोगों के जुटने और नशे का सेवन करने की शिकायत मिलती रही है।
थाना प्रभारी के मुताबिक, पेट्रोलिंग टीम के पहुंचने पर वहां मौजूद लोग भागने लगे। उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर यह भी दावा किया कि उसमें थाना को बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि युवक द्वारा लगाया गया मारपीट का आरोप सही नहीं है।
ASP बोले- जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
मामले की जांच कर रहे ASP सुरजीत कुमार ने कहा कि पुलिस पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर घायल युवक से जानकारी ली है। साथ ही नगर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की गई है।
ASP के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
थाना परिसर में मारपीट के आरोप ने खड़े किए गंभीर सवाल
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप थाना परिसर के अंदर मारपीट से जुड़ा है। यदि जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा युवक के साथ गैरकानूनी तरीके से मारपीट किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय हो सकती है।
फिलहाल वायरल वीडियो, घायल युवक के बयान और पुलिसकर्मियों के पक्ष की जांच की जा रही है। अब सबकी नजर ASP की जांच रिपोर्ट पर है। जांच रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि थाने के अंदर आखिर उस रात क्या हुआ था।

















