गुमला : 13 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में 10 लाख का इनामी नक्सली कमांडर दोषी करार, 13 अक्टूबर को सजा पर फैसला
गुमला। चैनपुर थाना क्षेत्र के चर्चित नक्सली मामले में गुमला की अदालत ने 10 लाख रुपये के इनामी माओवादी जोनल कमांडर रामप्रसाद लकड़ा उर्फ अशोक उर्फ प्रसाद लकड़ा को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत दोषी माना है। अब अदालत 13 अक्टूबर को उसकी सजा के बिंदु पर फैसला सुनाएगी।

लकड़ा पर इलाके में लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों को संचालित करने और 13 पुलिसकर्मियों की हत्या से जुड़े मामले में शामिल होने के आरोप रहे हैं। पुलिस के अनुसार, वह करीब 22 वर्षों तक माओवादी संगठन से जुड़ा रहा और संगठन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। बताया जाता है कि उसकी सुरक्षा में करीब 35 से 40 हथियारबंद नक्सली तैनात रहते थे।

2015 में मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने 11 जून 2015 को चैनपुर थाना क्षेत्र के कटकाही नाला जंगल के पास मुठभेड़ के बाद रामप्रसाद लकड़ा समेत तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। मामले की लंबी कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रामप्रसाद लकड़ा को आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।

13 अक्टूबर को सजा पर फैसला
दोषसिद्धि के बाद अब अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। 13 अक्टूबर को रामप्रसाद लकड़ा को कितनी सजा दी जाएगी, इस पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी .रामप्रसाद लकड़ा को पुलिस लंबे समय से एक महत्वपूर्ण माओवादी कमांडर के रूप में देखती रही है। उसकी गिरफ्तारी को भी उस समय सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना गया था।
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