मुंबई में गिरफ्तार हुआ 53 मामलों में वांछित नक्सली संजय यादव, झारखंड-बिहार में था 13 लाख का इनाम
पलामू के छतरपुर का रहने वाला है भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर, दोनों राज्यों में दर्ज हैं 53 आपराधिक मामले; हथियारों और गोला-बारूद के ठिकानों की जानकारी जुटा रही पुलिस
पलामू। झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सक्रिय जोनल कमांडर संजय यादव उर्फ गोदराई यादव को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। झारखंड और बिहार में उसके खिलाफ कुल 53 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों राज्यों में उस पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तार संजय यादव पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित देवगन गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह माओवादी संगठन की जोनल कमेटी मेंबर (ZCM) के रूप में सक्रिय था। झारखंड सरकार ने उस पर 10 लाख रुपये, जबकि बिहार में 3 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

झारखंड और बिहार में दर्ज हैं 53 मामले
संजय यादव के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का दायरा झारखंड से लेकर बिहार तक फैला हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसके खिलाफ पलामू जिले में 23, बिहार के औरंगाबाद में 20 और गया जिले में 10 मामले दर्ज हैं। इस तरह दोनों राज्यों में कुल 53 मामलों में वह वांछित था। पुलिस को उसकी तलाश कई वर्षों से थी। उसकी गिरफ्तारी को नक्सल नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुंबई में तस्वीर से हुई पहचान, फिर गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, संजय यादव मुंबई में तीन अन्य लोगों के साथ एक स्थान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान उसकी तस्वीर लेकर पलामू पुलिस को भेजी गई। तस्वीर के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पहचान की पुष्टि होने के बाद उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई। गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद पलामू पुलिस ने उसे झारखंड लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस की विशेष टीम मुंबई रवाना हो चुकी है। पहले उसे मुंबई की अदालत में पेश किया जाएगा। वहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे पलामू लाएगी। इसके बाद स्थानीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हथियारों और गोला-बारूद के ठिकानों की तलाश
संजय यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर माओवादी संगठन के नेटवर्क, सहयोगियों और हथियारों के छिपे ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में संगठन की गतिविधियों और उसके संसाधनों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
15 लाख के इनामी नितेश यादव पर भी नजर
इधर, पुलिस की नजर माओवादी संगठन के 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमांडर नितेश यादव पर भी है। नितेश बिहार के गया जिले का रहने वाला बताया जाता है। उसके मुंबई और आसपास के इलाकों में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। संजय यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नितेश यादव की तलाश में भी अभियान तेज कर दिया है। पुलिस की कोशिश है कि मुंबई और आसपास सक्रिय माओवादी नेटवर्क तक पहुंचकर फरार इनामी उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया जाए।
आदिवासी नेत्री निशा भगत का पैतृक गांव उरु में अंतिम संस्कार, चार पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज हुए शामिल
निर्मल सिंह गुमला: आदिवासी नेत्री निशा भगत का शनिवार को उनके पैतृक गांव उरु में आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर…

निशा भगत की मौत के बाद पिता ने थाने में दिया आवेदन, सोशल मीडिया लाइव में नाम लिए गए लोगों पर कार्रवाई की मांग
रांची: झारखंड में आदिवासी नेत्री निशा भगत ( Nisha bhagat) की मौत के मामले में पिता ने पिठोरिया थाना में लिखित शिकायत…


















