two-gas-cylinders-found-forest-near

कभी माओवादियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ के पास जंगल से मिले दो गैस सिलेंडर

Share
Link copied

पारसनाथ से बूढ़ा पहाड़ तक सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन तेज, जंगलों में छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों की तलाश जारी

रांची। झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है, लेकिन नक्सलियों के छिपाए गए हथियार और विस्फोटक अब भी चुनौती बने हुए हैं। पारसनाथ से लेकर बूढ़ा पहाड़ तक जंगलों में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान कहीं केन बम मिल रहे हैं, तो कहीं एसएलआर, कार्बाइन और राइफल जैसे हथियारों का जखीरा बरामद हो रहा है। इससे साफ है कि नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों ने अभियान तेज कर दिया है। गिरफ्तार और आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से पूछताछ के साथ खुफिया सूचनाओं के आधार पर संभावित ठिकानों की पहचान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की निशानदेही पर भी जंगलों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों का उद्देश्य छिपे हुए हथियारों और विस्फोटकों को बरामद कर उनके संभावित दुरुपयोग को रोकना है।

पारसनाथ के जंगल में पांच किलो का केन बम, ग्रेनेड के 38 अर्धनिर्मित शेल मिले

गिरिडीह। पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली। जिख्वाबेड़ा जंगल के पास चलाए गए सर्च ऑपरेशन में करीब पांच किलोग्राम का एक केन बम और ग्रेनेड बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के 38 अर्धनिर्मित शेल बरामद किए गए। विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जंगलों में छिपाई गई अन्य संदिग्ध सामग्री का पता लगाने के लिए भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

Durga puja
Advertisement

कुचाई के बुरूहातू जंगल में छह हथियार बरामद, SLR और कार्बाइन भी शामिल

सरायकेला-खरसावां। कुचाई थाना क्षेत्र के बुरूहातू जंगल में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और झारखंड पुलिस के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान छह हथियार बरामद किए गए। बरामद हथियारों में एक 7.62 एमएम एसएलआर, एक 9 एमएम कार्बाइन, एक रिवॉल्वर और तीन .303 राइफल शामिल हैं। जंगल से एक साथ इतने हथियारों की बरामदगी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में छिपाए गए हथियारों के नेटवर्क की तलाश को अहम बना दिया है। सुरक्षाबल ऐसे ठिकानों का पता लगाने में जुटे हैं, जहां हथियारों को लंबे समय से छिपाकर रखा गया हो सकता है।

कभी माओवादियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ के पास जंगल से मिले दो गैस सिलेंडर

गढ़वा। कभी माओवादियों का प्रमुख ठिकाना रहे बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में स्थित तुरेर गांव के समीप जंगल से सुरक्षाबलों ने दो गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। सूचना मिलने के बाद सीआरपीएफ और बड़गड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जंगल में छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान दोनों गैस सिलेंडर मिले। सुरक्षाबल बरामद सामग्री के संबंध में जांच कर रहे हैं। पारसनाथ, कुचाई और बूढ़ा पहाड़ जैसे इलाकों में लगातार मिल रहे हथियारों, विस्फोटकों और अन्य संदिग्ध सामग्रियों के बीच जंगलों की तलाशी का महत्व बढ़ गया है। नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने के साथ-साथ पुराने ठिकानों में छिपे हथियारों और विस्फोटकों को पूरी तरह बरामद करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।