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गुमला सदर अस्पताल की बदहाली के खिलाफ महिला संगठन का अनशन आज से, रिम्स जैसी सुविधा की मांग

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निर्मल सिंह

गुमला: सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और मरीजों को हो रही परेशानी के खिलाफ झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर से अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने अनिश्चितकालीन धरना-अनशन शुरू करने की घोषणा की है। मांगों को लेकर सिविल सर्जन को ज्ञापन भी सौंपा गया है।

संगठन का कहना है कि गुमला के 12 प्रखंडों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचते हैं। गरीब परिवारों के लिए यह अस्पताल प्रमुख सहारा है, लेकिन चिकित्सकों की कमी, पर्याप्त जांच सुविधाओं का अभाव और एंबुलेंस सेवा की बदहाली के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। गंभीर मरीजों को अक्सर रिम्स रांची रेफर करना पड़ता है।

एसोसिएशन ने सदर अस्पताल में रिम्स की तर्ज पर स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने और गुमला में रिम्स-2 की स्थापना की मांग की है। संगठन ने सभी प्रमुख बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रात में बच्चों के इलाज के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की अनिवार्य तैनाती और महिला रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाकर तीन से चार करने की मांग की है।

ज्ञापन में एक्स-रे, ईसीजी और अल्ट्रासाउंड समेत सभी जरूरी जांच सुविधाओं का विस्तार करने तथा पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई है। अस्पताल परिसर स्थित निजी जांच केंद्रों पर अधिक पैसे वसूलने और जांच रिपोर्ट रांची भेजे जाने की शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की गई है। इसके अलावा पंजीकरण में डॉक्टर का नाम दर्ज रहने के बावजूद उनके उपलब्ध नहीं होने के मामले की जांच की मांग उठाई गई है।

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संगठन ने आरोप लगाया कि रिम्स रेफर किए जाने वाले मरीजों को कई बार सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलती। खराब पड़ी एंबुलेंस की मरम्मत कराने और 108 एंबुलेंस सेवा को दुरुस्त करने की मांग की गई है। संगठन के अनुसार, 108 नंबर पर फोन नहीं उठने के कारण गरीब मरीजों को महंगी निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है।

महिला संगठन ने अस्पताल में सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सभी ब्लड ग्रुप का खून 24 घंटे उपलब्ध रखने, बेड और वार्ड की संख्या बढ़ाने तथा डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों के निजी क्लीनिक में जाने पर रोक लगाने, सभी वार्डों में एसी लगाने और सांसद मद से उपलब्ध कराए गए एयर प्यूरीफायर की मरम्मत कराने की भी मांग की है।

इसके अलावा प्रसव के बाद मरीजों से पैसे मांगने की शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और मांगें पूरी होने तक उसका धरना-अनशन जारी रहेगा।

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