मुख्यमंत्री सारथी योजना पर शोभा यादव ने उठाए सवाल, कहा- युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार देने में विफल सरकार

रांची: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने मुख्यमंत्री सारथी योजना के क्रियान्वयन को लेकर हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार देने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि योजना के तहत कितने युवाओं को प्रशिक्षण मिला और उनमें से कितनों को वास्तव में रोजगार उपलब्ध कराया गया।
शोभा यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सारथी योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है। जुलाई 2023 में योजना के पहले चरण के तहत 80 प्रखंड स्तरीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की शुरुआत की गई थी। योजना में निर्धारित शर्तों के अनुसार, प्रशिक्षण के बाद रोजगार नहीं मिलने पर पात्र युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद कई प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन और योजना के वास्तविक लाभ को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने श्रम एवं कौशल विकास विभाग के दिसंबर 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में लगभग 5.25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया था। इनमें करीब 4.5 लाख युवाओं को प्रमाणपत्र मिले और लगभग 2.25 लाख को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल किया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अन्य युवाओं की वर्तमान स्थिति क्या है और कितने युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप नौकरी मिली है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करना और रोजगार हासिल करना अलग-अलग बातें हैं। यदि प्रशिक्षण के बाद भी युवा बेरोजगार रहते हैं, तो योजना का उद्देश्य पूरा नहीं होता। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 में कौशल विकास मिशन के लिए 585 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि कितनी राशि खर्च हुई और उससे कितने युवाओं को लाभ मिला।
शोभा यादव ने राज्य सरकार से मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत संचालित सभी प्रशिक्षण केंद्रों की वर्तमान स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें प्रशिक्षित युवाओं, प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों, रोजगार पाने वाले अभ्यर्थियों, लंबित प्लेसमेंट, बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले पात्र लाभार्थियों और योजना पर खर्च की गई राशि का विस्तृत ब्योरा शामिल होना चाहिए।
उन्होंने बंद या प्रभावित प्रशिक्षण केंद्रों को तत्काल सुचारु करने और प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। शोभा यादव ने कहा कि केवल बजट का प्रावधान और घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि योजनाओं का लाभ युवाओं तक पहुंचना चाहिए।

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