सौदा डी से सेंट्रल सौदा तक दो करोड़ की सड़क निर्माण पर सवाल, दूसरी ओर माइंस खोलने की तैयारी!
पंचायत क्षेत्र को हटाने के लिए CCL के नोटिस के बीच सड़क निर्माण पर सरकारी राशि खर्च करने की योजना पर उठे सवाल, वैकल्पिक सड़क का भी हुआ सर्वे
भुरकुंडा (रामगढ़): भुरकुंडा क्षेत्र में सौदा डी से सेंट्रल सौदा तक करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर सड़क निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सौदा डी ग्राम पंचायत क्षेत्र में कोयला खदान खोलने की तैयारी की चर्चा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सीसीएल बरका-सयाल प्रबंधन की ओर से पंचायत क्षेत्र को हटाने के लिए कई बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब आने वाले समय में इस क्षेत्र में खनन कार्य शुरू होने और पंचायत के विस्थापन की संभावना जताई जा रही है, तो फिर सरकारी राशि से सड़क निर्माण कराने का औचित्य क्या है?

वर्षों से विकास की बाट जोह रहा क्षेत्र, अब दो करोड़ की सड़क
स्थानीय लोगों का कहना है कि सौदा डी क्षेत्र में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की जरूरत रही है। लेकिन अब जब पंचायत क्षेत्र के विस्थापन और कोयला खदान शुरू होने की चर्चा सामने आ रही है, तब सड़क निर्माण पर लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
लोगों का सवाल है कि क्या सड़क निर्माण की योजना तैयार करने से पहले संबंधित विभाग ने सीसीएल की प्रस्तावित खनन योजना और पंचायत क्षेत्र को हटाने के लिए जारी नोटिसों की जानकारी जुटाई थी? यदि इसकी जानकारी थी, तो इतनी बड़ी राशि खर्च करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया?
एक ओर सड़क निर्माण, दूसरी ओर विस्थापन की तैयारी
सौदा डी ग्राम पंचायत क्षेत्र में खनन कार्य शुरू होने की संभावनाओं के बीच सड़क निर्माण कार्य को लेकर विभागीय समन्वय पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि भविष्य में इस सड़क का बड़ा हिस्सा खनन क्षेत्र में आ जाता है या पंचायत के विस्थापन के कारण सड़क का उपयोग प्रभावित होता है, तो निर्माण पर खर्च की गई सरकारी राशि का क्या होगा?
स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क निर्माण से पहले भविष्य की खनन योजना, विस्थापन की स्थिति और क्षेत्र की जरूरतों का समुचित आकलन किया जाना चाहिए था।

वैकल्पिक सड़क का भी हुआ सर्वे
जानकारी के अनुसार, दूसरी ओर वैकल्पिक सड़क निर्माण को लेकर नया सर्वे भी किया गया है। यदि वैकल्पिक सड़क की योजना पर काम चल रहा है, तो वर्तमान सड़क निर्माण और भविष्य की सड़क योजना के बीच तालमेल को लेकर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग और सीसीएल प्रबंधन के बीच सड़क निर्माण एवं खनन योजना को लेकर समन्वय स्थापित किया गया है? क्या दो करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क भविष्य में भी उपयोगी रहेगी?
जवाबदेही तय करने की मांग
स्थानीय लोगों के बीच उठ रहे सवालों के मद्देनजर संबंधित विभाग और सीसीएल प्रबंधन से सड़क निर्माण की योजना, स्वीकृति, लागत तथा भविष्य की खनन योजना पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देते हैं और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब किस प्रकार देते हैं।

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